राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत अपने दो दिवसीय प्रवास पर वाराणसी पहुंचे। शनिवार को उन्होंने बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर मेंपूजा-अर्चना कर अभिषेक किया और कालभैरव मंदिर में दर्शन किए।
IIT-BHU में छात्रों के साथ संवाद, योग और वैदिक मंत्रों का आयोजन
अपने प्रवास के दौरान शुक्रवार को मोहन भागवत आईआईटी बीएचयू के जिमखाना मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने 100 से अधिक छात्रों को योग करते हुएदेखा। इस आयोजन में वैदिक मंत्रोच्चारण भी शामिल था। छात्रों से बातचीत में उन्होंने पूछा, “क्या आप संघ को समझते हैं?” छात्रों ने उत्तर दिया किसंघ का उद्देश्य सनातन धर्म की रक्षा, सभी धर्मों की मदद और युवा शक्ति को मार्गदर्शन देना है।
“संघ का कार्य – हिंदू संस्कृति और मूल्यों की रक्षा”
संघ प्रमुख ने बताया कि RSS का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और हिंदू सभ्यता के मूल्यों को सहेजना है। उन्होंने कहा कि “श्मशान, मंदिर और पानी – येसब हिंदुओं के लिए एक समान होने चाहिए।” उन्होंने जाति, पंथ और वर्ग से ऊपर उठकर हिंदू समाज की एकता की आवश्यकता पर बल दिया।
संघ की शताब्दी की तैयारियों को लेकर मंथन
भागवत का वाराणसी दौरा संघ की आगामी शताब्दी समारोह की तैयारियों के अंतर्गत हो रहा है। पूर्वांचल के 12 से अधिक जिलों के संघपदाधिकारियों के साथ वे लगातार बैठकें कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने निवेदिता शिक्षा सदन में रुककर संगठन के कार्यों की समीक्षा की।
व्यापारियों, चिकित्सकों से भी होगा संवाद
शनिवार को संघ प्रमुख विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित लोगों—जैसे चिकित्सकों, व्यापारियों और उद्यमियों से मुलाकात कर विचार-विमर्श करेंगे। यह बैठकसंघ की विचारधारा को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचाने की रणनीति का हिस्सा है।
संघ प्रशिक्षण में किया गया बदलाव, नई व्यवस्था की घोषणा
बीएचयू में युवाओं को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने संघ की ट्रेनिंग प्रणाली में किए गए बदलावों की जानकारी दी। अब प्रथम वर्ष काप्रशिक्षण वर्ग केवल 15 दिन का होगा, जिसे “कार्यकर्ता विकास वर्ग” नाम दिया गया है।
लाजपत नगर शाखा में भी लेंगे हिस्सा
संघ प्रमुख के प्रवास का समापन 6 अप्रैल को होगा, जब वे मलदहिया के लाजपत नगर में संघ की शाखा में भाग लेंगे और कार्यकर्ताओं से संवादकरेंगे।