आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को दिल्ली में आगामी चुनावों को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहाकि दिल्ली की जनता के पास दो स्पष्ट विकल्प हैं – एक केजरीवाल मॉडल, जो जनता के पैसे को जनता की भलाई में खर्च करता है, और दूसराभा.ज.पा. मॉडल, जो उनका कहना है कि अमीर दोस्तों की जेब में जनता का पैसा चला जाता है। केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि दिल्ली केचुनाव का परिणाम यह तय करेगा कि सरकार के खजाने का पैसा किस दिशा में जाएगा: जनता की भलाई में या कुछ चंद अमीरों के फायदे में।
केजरीवाल मॉडल vs भाजपा मॉडल: क्या है अंतर?
केजरीवाल ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल मॉडल की तुलना भाजपा मॉडल से की। उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी का मॉडल जनता केफायदे में है, जैसे मुफ्त बिजली, पानी, शिक्षा, चिकित्सा, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, बुजुर्गों के लिए इलाज, और महिलाओं को 2100 रुपये देना। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के तहत, सरकारी खजाने का पैसा समाज के कल्याण के लिए खर्च किया जाता है।
वहीं, भाजपा का मॉडल उनके अनुसार पूरी तरह से अमीरों के लाभ के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने पिछले पांच सालों में अपनेअरबपति दोस्तों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए, जबकि आम जनता को इससे कोई लाभ नहीं हुआ।
जनता का टैक्स और उसका खर्चा: कौन तय करेगा?
केजरीवाल ने कहा कि इस चुनाव का फैसला यह करेगा कि जनता द्वारा दिए गए टैक्स का खर्च कैसे किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गरीब से लेकरमिडिल क्लास तक, सभी लोग टैक्स देते हैं, और यह सवाल उठाया कि क्या उन पैसों को जनता की भलाई में खर्च किया जाएगा, या फिर उन्हें कुछविशेष दोस्तों के कर्ज माफ करने में इस्तेमाल किया जाएगा।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि भाजपा की सरकार ने कई अरबपति दोस्तों का कर्ज माफ किया, जिसमें कुछ मामलों में कर्ज को बहुत ही कमराशि में निपटाया गया। इसके मुकाबले, आम आदमी पार्टी का मॉडल हर नागरिक के जीवन स्तर को सुधारने पर केंद्रित है।
केजरीवाल ने भाजपा के दावों का किया विरोध
केजरीवाल ने कहा कि भाजपा बार-बार यह कहती है कि फ्री सुविधाएं (जिन्हें वे “फ्री-बी” कहते हैं) देश के लिए घातक हैं, लेकिन वे अरबपतियों कोमुफ्त में भारी कर्ज माफ कर देती हैं। केजरीवाल ने यह आरोप लगाया कि भाजपा मीडिया को प्रभावित कर रही है ताकि जनता में यह भावना पैदा कीजा सके कि मुफ्त सुविधाएं नहीं मिलनी चाहिए, जबकि सच यह है कि वे अरबपतियों को फायदा पहुंचा रहे हैं।
दिल्ली की सुविधाओं पर भाजपा का हमला?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा अगर दिल्ली में सत्ता में आई, तो वह दिल्ली की जनता को मिल रही मुफ्त सुविधाओं को बंद कर देगी। उन्होंनेराजस्थान में भाजपा सरकार द्वारा 850 सरकारी स्कूल बंद करने का उदाहरण दिया और कहा कि यही भाजपा की नीति है – चुनाव जीतने के बादजनता से मिलने वाली सारी सुविधाएं हटा दी जाती हैं।
दिल्ली के लोगों के लिए एक बड़ा सवाल
केजरीवाल ने दिल्ली की जनता से सवाल किया कि वे क्या 25-30 हजार रुपये की मासिक सुविधाओं की भरपाई कर सकते हैं, जो वे वर्तमान मेंदिल्ली सरकार से प्राप्त कर रहे हैं। अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो ये सारी सुविधाएं बंद हो जाएंगी।
क्या दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार जरूरी है?
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में गरीबों और मिडिल क्लास के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार निहायत जरूरी है, ताकि वे अपनी सुविधाओं कालाभ उठा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली का चुनाव सिर्फ दिल्ली के भविष्य का सवाल नहीं है, बल्कि पूरे देश की दिशा का निर्धारण करेगा।
सरकारी धन का असल हकदार कौन?
केजरीवाल ने अंत में कहा कि दिल्ली का चुनाव यह तय करेगा कि सरकारी खजाने का पैसा जनता की भलाई में खर्च होना चाहिए या फिर चंदअरबपति दोस्तों के फायदें में। उन्होंने यह भी जोड़ा कि दिल्ली में मिल रही मुफ्त सुविधाएं पूरे देश में लागू होनी चाहिए, ताकि हर नागरिक को इसकालाभ मिल सके।