गुजरात के खावड़ा में स्थापित किए जा रहे अक्षय ऊर्जा संयंत्र को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार के जवाब पर असंतोष व्यक्त किया। कांग्रेस सांसदमनीष तिवारी ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूछा कि क्या इस परियोजना के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा प्रोटोकॉल में कोई छूट दी गई है। उन्होंने बतायाकि यह संयंत्र भारत-पाकिस्तान सीमा से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जबकि सुरक्षा निर्देशों के अनुसार दस किलोमीटर के भीतर कोईपरियोजना नहीं लगाई जा सकती।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने स्पष्ट किया कि किसी भी परियोजना को मंजूरी देने से पहले केंद्र, राज्य और अन्य संबंधितनिकायों से सभी आवश्यक लाइसेंस प्राप्त किए जाते हैं। लेकिन विपक्षी सांसदों ने मंत्री के जवाब को असंतोषजनक मानते हुए विरोध किया। कुछ देरनारेबाजी के बाद कांग्रेस, द्रमुक और राकांपा (एसपी) समेत कई विपक्षी दलों ने लोकसभा से वॉकआउट कर दिया।
ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन की मांग
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में मनीष तिवारी ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगायाकि सरकार ने स्पष्ट नहीं किया कि परियोजना को मंजूरी देने में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं।
अडानी ग्रीन एनर्जी का परियोजना में योगदान
उल्लेखनीय है कि अडानी ग्रीन एनर्जी गुजरात के खावड़ा में मिश्रित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना विकसित कर रही है, जिसमें सौर और पवन ऊर्जादोनों का उत्पादन होगा। विपक्ष का आरोप है कि इस परियोजना के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल में छूट दी गई है, जिसे लेकर सरकार का रुख स्पष्ट नहीं है।