संयुक्त राष्ट्र ने इजराइल बलों पर 23 मार्च को राफा के अल-सुल्तान जिले में 15 फलस्तीनी चिकित्सकों को मारने का आरोप लगाया. संयुक्त राष्ट्रका कहना है कि आपातकालीन टीमें हमले में हताहत लोगों को बचाने के लिए गईं थीं. लेकिन इजराइल बलों ने उन पर कई घंटों तक गोलीबारी की. चिकिस्तकों के शव और क्षतिग्रस्त एंबुलेंस को सामूहिक कब्र में दफना दिया गया.संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने इस्राइली सैनिकों पर दक्षिणी गाजा में 15 फलस्तीनी चिकित्सकों को मारने का आरोप लगाया. यूएन ने दावा किया कि सभी चिकिस्तकों को मारने के बाद सामूहिक कब्र में दफना दिया गया. जहां क्षतिग्रस्त एंबुलेंस भी पाई गई आरोप है कि इजराइल सैन्य बुलडोजरों ने चिकिस्तकों के शव और एंबुलेंस को कुचला था. संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि18 महीने पहले गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से इस्राइल ने 100 से अधिक नागरिक सुरक्षा कर्मचारियों और 1,000 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियोंको मारा है.फलस्तीनियों की भारी भीड़ ने गाजा में नासिर अस्पताल के बाहर मारे गए चिकित्सकों और आपातकालीन कर्मियों का अंतिम संस्कारकिया.
फलस्तीनी रेड क्रिसेंट ने लगाया आरोप
फलस्तीनी रेड क्रिसेंट ने आरोप लगाया कि श्रमिकों और उनके वाहनों पर स्पष्ट रूप से चिकित्सा चिह्न था. इसके बावजूद इजराइल सैनिकों ने उन्हेंबेदर्दी से मार दिया. वहीं इजराइली सेना ने कहा कि उन्होंने बिना पहचान वाले ‘संदिग्ध’ वाहनों पर गोलीबारी की.मृतकों में रेड क्रिसेंट के आठ कर्मचारीगाजा की नागरिक सुरक्षा आपातकालीन इकाई के छह सदस्य और फलस्तीनियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी (UNRWA) का एक कर्मचारीशामिल था. इंटरनेशनल रेड क्रॉस/रेड क्रिसेंट ने कहा कि यह आठ वर्षों में उसके कर्मियों पर सबसे घातक हमला. था.इस्राइली बलों ने 23 मार्च कोराफा के तेल अल-सुल्तान जिले में आक्रमण शुरू किया. हमले में हताहतों को निकालने के लिए दोपहर के आसपास आपातकालीन टीमें पहुंची थींजिसके बाद से वह लापता हो गईं हालांकि इस्राइली सेना ने उस दिन पहले ही क्षेत्र को खाली करने की अपील की थी. सेना ने कहा था कि यहांहमास के आतंकवादी छिपे हैं वहीं नागरिक सुरक्षा ने अपने अलर्ट में कहा था कि क्षेत्र में विस्थापित फलस्तीनियों ने शरण ली है. जिन पर इजराइलीसेना ने हमला किया.
इजराइली सैनिकों ने लिया था घेर
दरअसल जब उन्हें बचाने के लिए आपातकालीन टीम वहां पहुंची तो इस्राइली सैनिकों ने उसे भी घेर लिया.संयुक्त राष्ट्र ने रविवार को कहा किइजराइली बलों ने 23 मार्च को ही पहली टीम को मार दिया था. जब पहली टीम को बचाने के लिए अन्य आपातकालीन टीमें वहां पहुंची तोइजराइली बलों ने कई घंटों तक उन पर हमला किया. वहीं इस्राइली बलों का कहना है कि उन्होंने उन वाहनों पर गोलीबारी की जो बिना किसीआपातकालीन संकेतों के उनकी ओर संदिग्ध रूप से बढ़ रहे थे. प्रारंभिक आकलन से पता चला है कि सैनिकों ने वहां हमास कार्यकर्ता मोहम्मद अमीनशोबाकी और आठ अन्य आतंकवादियों को मार गिराया.