कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी दो दिवसीय गुजरात दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर10 से 40 लोगों को निकालना पड़े, तो निकाल दो। उनका यह बयान कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और राज्य में पार्टी की कमजोर स्थिति को लेकरआया।
गुजरात में कांग्रेस की जिम्मेदारी पर जोर
राहुल गांधी ने कहा कि वे गुजरात के युवाओं, किसानों, छोटे व्यापारियों और महिलाओं के लिए आए हैं। उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी पिछले 30 वर्षोंसे राज्य में सत्ता से बाहर है। जब तक हम अपनी जिम्मेदारी को नहीं समझेंगे, जनता हमें नहीं चुनेगी। जिस दिन हमने यह जिम्मेदारी पूरी कर ली, गुजरात की जनता हमें समर्थन देने लगेगी।”
‘रेस का घोड़ा नहीं, बारात का घोड़ा बन गई कांग्रेस’
राहुल गांधी ने पार्टी में दो गुटों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “एक गुट कांग्रेस की विचारधारा के साथ है, लेकिन दूसरा जनता से दूर हो चुका है, औरउसमें से कुछ लोग बीजेपी के संपर्क में हैं। जब तक ऐसे लोगों को बाहर नहीं किया जाएगा, तब तक जनता कांग्रेस पर विश्वास नहीं करेगी।” उन्होंनेकांग्रेस की स्थिति की तुलना रेस के घोड़े और बारात के घोड़े से की और कहा कि गुजरात कांग्रेस अब रेस का घोड़ा नहीं रही।
गुजरात में कांग्रेस का कमजोर प्रदर्शन
गुजरात में कांग्रेस का प्रदर्शन लगातार खराब रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 156 सीटों के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जबकिकांग्रेस केवल 17 सीटों पर सिमट गई। इसके अलावा, कई कांग्रेस नेताओं ने पार्टी छोड़ दी, जिससे संगठन और कमजोर हो गया।
गुजरात कांग्रेस को एकजुट करने की कोशिश
राहुल गांधी के इस दौरे का मकसद गुजरात कांग्रेस को फिर से संगठित करना और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा किसंघर्ष और ईमानदारी से ही जनता का विश्वास जीता जा सकता है।
इसी बीच पीएम मोदी का नवसारी दौरा
जहां राहुल गांधी कांग्रेस को मजबूत करने के लिए गुजरात में सक्रिय हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवसारी में महिलाओं को सम्मानित करने काकार्यक्रम आयोजित किया। इससे स्पष्ट है कि दोनों दल राज्य में अपने-अपने जनाधार को मजबूत करने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं।