मंगलवार सुबह चीन के तिब्बत क्षेत्र में 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसमें 32 लोगों की जान चली गई और 38 घायल हो गए।अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 7.1 दर्ज की गई, जबकि चीनी अधिकारियों ने इसे 6.8 बताया। भूकंप काकेंद्र शिजांग क्षेत्र में 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।
तिब्बत में भूकंप का केंद्र
यह क्षेत्र भारत और यूरेशिया प्लेटों के टकराव का स्थान है और हिमालय पर्वत श्रृंखला में भूगर्भीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है। तिब्बत कीराजधानी ल्हासा भूकंप के केंद्र से 380 किलोमीटर दूर स्थित है, जबकि शिगात्से केवल 23 किलोमीटर की दूरी पर है।
नेपाल और भारत में महसूस हुए झटके
भूकंप के झटके नेपाल की राजधानी काठमांडू में महसूस किए गए, जहां लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। भारत के दिल्ली, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी झटके दर्ज किए गए। हालांकि, इन क्षेत्रों से किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
भारत में प्रभावित क्षेत्र
1. दिल्ली-एनसीआर
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में झटकों के दौरान लोग इमारतों से बाहर निकल आए। हालांकि, किसी भी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।
2. बिहार और पश्चिम बंगाल
पटना, कोलकाता और इनके आसपास के क्षेत्रों में भी झटकों का अनुभव हुआ। यहां भी कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
3. उत्तराखंड और झारखंड
पर्वतीय क्षेत्रों में भी झटके महसूस किए गए। लोग सावधानी के तहत खुले स्थानों में चले गए।
आफ्टरशॉक्स का खतरा
विशेषज्ञों ने भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स की संभावना जताई है। लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
इतिहास में क्षेत्रीय भूकंप
पिछले 100 वर्षों में इस क्षेत्र में 6 या उससे अधिक तीव्रता के 10 भूकंप आ चुके हैं, जो इसे अत्यधिक संवेदनशील बनाते हैं।