रामबन में तीन लोगों की मौत, जनजीवन अस्त-व्यस्त
जम्मू-कश्मीर में बीते कई दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। रविवार सुबह रामबन जिले में बादल फटने कीघटना में तीन लोगों की जान चली गई। भारी बारिश से जिले के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे आम लोगों को गंभीर कठिनाइयोंका सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, भूस्खलन ने हालात और भी भयावह बना दिए हैं।
त्रासदी का खौफनाक मंजर
जम्मू से कश्मीर की ओर यात्रा कर रहे सुनील कुमार और उनके 15 साथियों ने इस दर्दनाक घटना को अपनी आंखों से देखा। उन्होंने News18 से बातकरते हुए बताया कि किस तरह रात के अंधेरे में उन्होंने जिस होटल में शरण ली थी, वह इस तबाही का केंद्र बन गया। उस स्थान पर सड़क से लगभग25 फुट ऊपर की ज़मीन मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी थी। इस मलबे में कई घर, दुकानें और होटल समा गए। बताया जा रहा है कि जिस स्थानपर यह दृश्य रिकॉर्ड किया गया, वहां नीचे करीब 15 से अधिक गाड़ियां दबी हुई हैं।
NH-44 पर फंसे यात्रियों की मदद में सेना उतरी मैदान में
रामबन के पास राष्ट्रीय राजमार्ग NH-44 पर भूस्खलन और बारिश की वजह से सैकड़ों यात्री फंस गए थे। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिलथे। जब स्थिति बिगड़ती गई और यात्री भोजन, पानी व प्राथमिक चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझने लगे, तब भारतीय सेना ने मानवीयसहायता प्रदान करते हुए राहत कार्य शुरू किया।
सेना की तत्परता बनी संकट में सहारा
जैसे ही सेना को फंसे यात्रियों की सूचना मिली, इलाके में तैनात सैन्य टुकड़ियों ने तुरंत राहत अभियान शुरू कर दिया। सेना ने यात्रियों को खाने केपैकेट, पीने का पानी और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई। इसके अलावा जवानों ने सड़क से मलबा हटाने में भी मदद की और स्थानीयप्रशासन के साथ मिलकर यातायात बहाल करने के प्रयासों में सहयोग किया।
बारिश अभी भी जारी, हालात गंभीर
क्षेत्र में भारी बारिश का सिलसिला जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें औरअनावश्यक यात्रा से बचें।