भारत ने भगोड़े इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक को लेकर पाकिस्तान के नरम रुख पर और उसके आतिथ्य पर चिंता जाहिर की है. विदेश मंत्रालय(एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि वांछित शख्स का समर्थन सब कुछ बयां करता है. उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि एकवांछित व्यक्ति की मेजबानी करना उसे शरण देना पाकिस्तान के दृष्टिकोण को कैसे स्पष्ट करता है.खासकर तब जब ऐसा शख्स पूर्व प्रधानमंत्री नवाजशरीफ और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज से मुलाकात कर रहा हो.दरअसल शुक्रवार को अपने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जायसवाल सेन्याय का सामना करने के लिए जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण की मांग के बावजूद उसे दिए गए आतिथ्य पर भारत के रुख के बारे में पूछा गया. इस परउन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि पाकिस्तान में उसके साथ ऐसा किया गया है. यह दर्शाता है कि उसके मेजबानों का दृष्टिकोण कैसा है.18 मार्च को ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जाकिर नाइक ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और पंजाब की मुख्यमंत्रीमरियम नवाज से रायविंड स्थित उनके आवास पर मुलाकात की थी. शरीफ परिवार से बैठक के दौरान पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) नेताओं ने कथित तौर पर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की.इस बीच पिछले सप्ताह नाइक से मुलाकात के बाद पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद हफीज कीआलोचना हुई थी.
हफीज ने की सोशल मीडिया पर साझा की मुलाकात की तस्वीरें
हफीज ने सोशल मीडिया पर अपनी मुलाकात की तस्वीरें साझा की थीं.’जाकिर नाइक के साथ सुखद मुलाकात उन्होंने साथ ही एक रेस्तरां में ली गईउनकी एक तस्वीर भी पोस्ट की थी इसे लेकर सोशल मीडिया पर खासी नाराजगी देखने को मिली थी. एक यूजर ने लिखा’यही एक कारण है किभारतीय क्रिकेट टीम और भारतीय सरकार पाकिस्तान नहीं आना चाहती.जाकिर नाइक वर्तमान में भारत में कथित मनी लॉन्ड्रिंग और चरमपंथ कोभड़काने के आरोपों में वांछित है. इससे पहले 24 अक्तूबर, 2024 को पाकिस्तान के चर्च के धर्मसभा के अध्यक्ष बिशप रेवरेंड आजाद मार्शल नेपाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को एक पत्र लिखा था. उन्होंने पाकिस्तान में राजकीय अतिथि के रूप में अपनी हालिया यात्रा के दौरानईसाई समुदाय और उनकी मान्यताओं के बारे में जाकिर नाइक की ओर से की गई टिप्पणियों पर चिंता व्यक्त की थी.शुक्रवार को अपने साप्ताहिकप्रेस ब्रीफिंग के दौरान जायसवाल से न्याय का सामना करने के लिए जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण की मांग के बावजूद उसे दिए गए आतिथ्य पर भारत केरुख के बारे में पूछा गया. इस पर उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि पाकिस्तान में उसके साथ ऐसा किया गया है. यह दर्शाता है कि उसकेमेजबानों का दृष्टिकोण कैसा है.