झारखंड के जमशेदपुर में उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के शूटर अनुज कनौजिया को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। इस संयुक्तअभियान को यूपी एसटीएफ और झारखंड एटीएस ने मिलकर अंजाम दिया। अनुज पर हत्या, लूट, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट समेत 23 से अधिकआपराधिक मामले दर्ज थे। उसे गिरफ्तार करने के लिए यूपी पुलिस ने विशेष टीमें गठित की थीं।
जमशेदपुर में मिली अंतिम लोकेशन
पुलिस को सूचना मिली थी कि अनुज कनौजिया जमशेदपुर में छिपा हुआ है। जांच में उसकी अंतिम लोकेशन गोविंदपुर के जनता मार्केट के पासअमलता सिटी के भूमिहार सदन में मिली। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की योजना बनाई और उसे घेरने की रणनीति बनाई।
पुलिस ने सरेंडर करने का दिया निर्देश
शनिवार की शाम यूपी और झारखंड पुलिस ने मिलकर अनुज को घेर लिया। खुद को घिरा देख अनुज ने 9 एमएम पिस्टल से पुलिस टीम पर करीब20 राउंड फायरिंग की। इस दौरान यूपी एसटीएफ के डीएसपी धर्मेश कुमार शाही के कंधे के नीचे गोली लगी। पुलिस ने अनुज को बार-बार सरेंडरकरने के लिए चेतावनी दी, लेकिन उसने फायरिंग जारी रखी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने अनुज को मार गिराया।
अनुज कनौजिया का आपराधिक इतिहास
अनुज कनौजिया का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा था। वह मऊ का निवासी था और मुख्तार अंसारी का शार्प शूटर माना जाता था। पहले उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जिसे बाद में बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया गया था। मऊ और गाजीपुर में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज थे।
पुलिस की लंबी तलाश और सख्त कार्रवाई
अनुज पिछले पांच सालों से फरार था और पुलिस से बचने के लिए लगातार जगह बदल रहा था। उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने कई प्रयास किए थे, यहां तक कि आजमगढ़ में स्थित उसके घर पर बुलडोजर तक चलाया गया था। उसके परिवार के सदस्यों पर भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हुईथी। आखिरकार, यूपी एसटीएफ और झारखंड एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में उसे मार गिराया गया।
यहाँ मुख्तार अंसारी गैंग के शूटर अनुज कनौजिया के एनकाउंटर की पूरी जानकारी को नए रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें प्रमुख घटनाओं कोउपशीर्षकों के साथ स्पष्ट किया गया है। यदि कोई और जानकारी या सुधार चाहिए, तो बताएं!