दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के बयान ने राजनीति में नया घमासान खड़ा कर दिया है। उनकेइस बयान पर शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने तीखा सवाल उठाया है। राउत ने आरोप लगाया कि अन्ना हजारेदिल्ली चुनाव में अरविंद केजरीवाल की हार से खुश हैं, और उन्होंने यह सवाल भी किया कि जब केंद्र सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप सामनेआए थे, तब हजारे चुप क्यों रहे?
संजय राउत ने क्या कहा?
संजय राउत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “जब मोदी सरकार में भ्रष्टाचार हुआ, तब अन्ना हजारे कहां थे? केजरीवाल की हार पर वह खुश हैं, लेकिन जब देश का खजाना लूटा जा रहा था और एक ही उद्योगपति के हाथों में सारा धन जा रहा था, तो अन्ना हजारे चुप क्यों थे?” उन्होंने यह भीसवाल किया कि इस चुप्पी के पीछे क्या कारण हो सकता है।
दिल्ली और महाराष्ट्र में मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप
इसके बाद संजय राउत ने दिल्ली और महाराष्ट्र में मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि हजारे ने इस मुद्दे पर भी चुप्पीसाधी हुई है, जबकि हरियाणा में भी ऐसी शिकायतें आई थीं। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले बिहार चुनावों में भी इस तरह की समस्याएं सामनेआ सकती हैं।
चुनावों में जोड़–तोड़ और धनबल का आरोप
राउत ने 2014 में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा, “चुनावों में संवैधानिक प्रक्रियाओं कापालन नहीं किया जा रहा है। जीती हुई सीटें जोड़-तोड़ और धनबल से हासिल की जा रही हैं।” उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुएकहा कि बीजेपी ने 70 सदस्यीय विधानसभा में 48 सीटें जीतकर आम आदमी पार्टी की सरकार को खत्म किया, और इसके पीछे जोड़-तोड़ औरधनबल का हाथ था।