
डबल इंजन सरकार के दावों पर सवाल
आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब दिल्लीमें चुनाव हो रहे थे, तब भाजपा के नेता बार-बार यह कहते थे कि अगर डबल इंजन की सरकार बनेगी तो दिल्ली में विकास होगा, अपराध कम होंगेऔर जनता को राहत मिलेगी। भाजपा नेताओं का दावा था कि केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच तालमेल से राजधानी में सब कुछ ठीक हो जाएगा।लेकिन अब चुनाव के सात महीने बीत चुके हैं और हालात बिल्कुल अलग हैं। दिल्ली की स्थिति लगातार खराब हो रही है और लोग डर और असुरक्षाके माहौल में जी रहे हैं।
राजधानी में अपराध की बढ़ती घटनाएँ
संजीव झा ने कहा कि दिल्ली में अपराध की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। हर दिन कहीं न कहीं हत्या, चोरी, बलात्कार या अन्य गंभीर अपराध कीखबर आती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कल ही करावल नगर में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। इससे पहले बुराड़ी में भी हत्या की घटनाहुई थी। दिल्ली हाई कोर्ट में बम रखे जाने की खबर ने लोगों को डरा दिया। इसके अलावा आए दिन स्कूलों में बम प्लांट की अफवाहें फैलती रहतीहैं। ऐसी खबरें सुनकर माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डरते हैं। राजधानी में रहने वाले लोग रोज़मर्रा की जिंदगी में असुरक्षित महसूस कर रहेहैं।
अपराध के आंकड़े डराने वाले
संजीव झा ने दिल्ली पुलिस के आंकड़े भी पेश किए। उन्होंने कहा कि केवल पाँच महीनों में ही 1 लाख 18 हजार 22 अपराध दर्ज किए गए हैं। इतनेकम समय में इतने अधिक मामले दर्ज होना बहुत चिंता की बात है। यह आंकड़ा दिखाता है कि सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह असफल है। अगरराजधानी में अपराध का यह हाल है तो देश की छवि पर भी बुरा असर पड़ता है।
गृह मंत्री आशीष सूद के बयान पर तंज
संजीव झा ने दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद को भी घेरा। उन्होंने कहा कि आशीष सूद ने कुछ दिन पहले बयान दिया था कि पहले अपराध इसलिएहोते थे क्योंकि दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार में तालमेल नहीं था। लेकिन अब तो दोनों सरकारों के बीच पूरा तालमेल है। ऐसे में अपराध कैसे बढ़रहे हैं? अगर तालमेल होने के बावजूद अपराध नहीं रुक रहे तो जिम्मेदारी किसकी है? उन्होंने कहा कि सरकार केवल बहाने बनाती है, जबकि जनताअपराध और डर का सामना कर रही है।
जनता की हालत और बदहाली
संजीव झा ने कहा कि डबल इंजन सरकार बनने के बाद जनता की परेशानियाँ कम होने के बजाय और बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएँ घर सेबाहर जाने में डरती हैं, बच्चे स्कूल जाने में डरते हैं और आम लोग दिन-रात असुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है।अगर यहां लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे तो बाकी राज्यों के हालात की कल्पना की जा सकती है। दिल्ली में बढ़ते अपराधों से न केवलदिल्लीवासियों की जिंदगी प्रभावित हो रही है, बल्कि पूरे देश की छवि पर बुरा असर पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को सीधा सवाल
संजीव झा ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से भी सीधे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि आप दोनों दिल्ली में ही रहते हैं। अगर दिल्ली को ही आप सुरक्षित नहींबना पा रहे तो यह देश और दुनिया के सामने शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह जल्द से जल्द कानून-व्यवस्था पर ध्यान देऔर अपराध पर रोक लगाए। दिल्ली को अपराध की राजधानी बनने से रोकना ही सरकार की जिम्मेदारी है।
अपराध रोकने के लिए ठोस कदम जरूरी
संजीव झा ने के अंत में कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार को अब मिलकर तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए। जनता को सुरक्षित माहौल देना ही सरकारकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश की प्रतिष्ठा का सवाल है। अगर दिल्लीसुरक्षित होगी तो देश की छवि भी सुरक्षित रहेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस पर तुरंत ध्यान देगी और लगातार बढ़ रही घटनाओं पर सख्ती सेकाम करेगी।