दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने से पहले ही बीजेपी और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। इस बारदोनों पार्टियों के नेताओं के बीच पत्र लिखने की घटनाओं ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। बीजेपी दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा नेआम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नए साल पर पत्र लिखा है। पत्र में सचदेवा ने केजरीवाल को शुभकामनाएंदीं, साथ ही उन्हें पांच संकल्प लेने का सुझाव भी दिया।
**पत्र में क्या लिखा था?**
वीरेन्द्र सचदेवा ने अपने पत्र में केजरीवाल को शुभकामनाएं देते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। इसके बाद, उन्होंने केजरीवाल सेकुछ बदलाव करने की अपील की। सचदेवा ने कहा, “नव वर्ष के दिन हम सभी आमतौर पर बुरी आदतों को छोड़ने और नई शुरुआत करने का संकल्पलेते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि इस नए साल में आप अपनी झूठ बोलने और छल-कपट करने की आदतें छोड़ेंगे।”
इसके बाद उन्होंने केजरीवाल से पांच प्रमुख संकल्प लेने का आग्रह किया:
1. **झूठी कसमें छोड़ने का संकल्प** – केजरीवाल से यह उम्मीद की गई कि वे भविष्य में कभी भी बच्चों के लिए झूठी कसम नहीं खाएंगे।
2. **महिलाओं, बुजुर्गों और धार्मिक लोगों के साथ झूठे वादे नहीं करने का संकल्प** – दिल्ली की जनता से किए गए वादों को लेकर झूठ बोलने केबजाय उन्हें पूरा करने की बात की गई।
3. **शराब के प्रचार पर माफी मांगने का संकल्प** – दिल्ली में शराब के प्रचार को लेकर केजरीवाल से माफी की मांग की गई।
4. **यमुना सफाई के नाम पर भ्रष्टाचार के लिए माफी** – यमुना नदी की सफाई को लेकर किए गए झूठे आश्वासन और भ्रष्टाचार के लिए केजरीवालको सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया।
5. **देश विरोधी ताकतों से संबंध खत्म करने का संकल्प** – राजनीति के स्वार्थ के तहत किसी भी देश विरोधी समूह से संबंध रखने और चंदा लेने सेबचने का सुझाव दिया गया।
**केजरीवाल का आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को पत्र**
इससे पहले, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर भारतीय जनतापार्टी (बीजेपी) पर गंभीर आरोप लगाए। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि बीजेपी दिल्ली में चुनाव जीतने के लिए वोट खरीदने और पैसे बांटने काकाम कर रही है।
केजरीवाल ने पत्र में कुछ सवाल उठाए, जिनमें मुख्य था कि क्या आरएसएस बीजेपी द्वारा अतीत में की गई गलतियों का समर्थन करता है? इसकेअलावा, उन्होंने पूछा कि क्या आरएसएस खुलेआम पैसे बांटने और दलित तथा पूर्वांचलियों के वोट काटने को लोकतंत्र के लिए सही मानता है? केजरीवाल ने यह भी सवाल उठाया कि क्या आरएसएस को नहीं लगता कि बीजेपी लोकतंत्र को कमजोर कर रही है?
**राजनीतिक माहौल में हलचल**
बीजेपी और आप के बीच इस पत्र युद्ध ने दिल्ली के राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है, और आगामी विधानसभा चुनाव की ओर सभी की नजरेंटिकी हुई हैं।