Delhi News: दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बीजेपी विधायक अरविंदर सिंह लवली को दिल्ली विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करदिया गया है. सोमवार को LG पहले अरविंदर सिंह लवली को शपथ दिलाएंगे. और इसके बाद विधानसभा में लवली नई निर्वाचित विधायकों कोशपथ भी दिलवाएंगे. दिल्ली की नई विधानसभा का पहला सत्र 24 फरवरी से शुरू होकर 27 फरवरी तक चलेगा. 26 फरवरी को सत्र नहीं होगा. विधानसभा सत्र के दौरान विधायक कार्यों के लिए बैठक24 25 और 27 फरवरी को कराई जाएगी. 24 फरवरी को सत्र के पहले दिन 11 निर्वाचितसदस्यों को शपथ दिलवाई जाएगी. दोपहर 2:00 बजे स्पीकर का चुनाव किया जाएगा. आठवीं विधानसभा का पहला सत्र 24 फरवरी को 11:00 सेशुरू किया जाएगा. नई निर्वाचित सदस्य सुबह शपथ लेंगे. इसके बाद 2:00 बजे अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा. 25 फरवरी को सुबह 11:00 बजेLG का भी भाषण होगा. इसके बाद CAG रिपोर्ट पेश की जाएगी. दरअसल आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए कामकाज कोलेकर भारत की नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की 14 पेंडिंग रिपोर्ट भी पेश की जाएगी. इसके बाद लोग की अभिभाषण पर धन्यवादप्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी.
17 फरवरी को होगी धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा
17 फरवरी की भी सुबह 11:00 बजे LG के आभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी रहेगी. और इसी दिन उपाध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा. जब तक की अध्यक्ष निर्देश न दे. विधानसभा की बैठकें इन्हीं तारीखों पर होगी. बैठक तब तक चलेंगे. जब तक उस दिन के लिए काम पूरा नहीं होजाते. बीजेपी ने (CAG) की पेंडिंग रिपोर्ट को विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के खिलाफ बड़ा मुद्दा बनाया था. बीजेपी ने चुनाव प्रचारप्रसार के दौरान कहा था. कि दिल्ली सरकार बनने के बाद विधानसभा के पहले सत्र में ही (CAG) की सभी पेंडिंग रिपोर्ट पेश की जाएगी.संसदीयपरंपराओं के तहत नए स्पीकर चुने से पहले दरअसल ही जरूरी होता है.
प्रोटेम स्पीकर बनेंगें अरविंदर सिंह लवली
स्पीकर चुनने वाले विधायक सदन के सदस्य बन जाएंगे. ऐसे में स्पीकर चुनने वाले विधायकों को शपथ दिलाने के लिए प्रोटेम स्पीकर की व्यवस्था कीहै. प्रोटेम स्पीकर विधायक मे से अमूमन अनुभवी विधायकों को चुना जाता है. कई बार तो विपक्षी सदस्यों से ही किसी सदस्य को प्रोटेम स्पीकर कीजिम्मेदारी दे दी जाती है. दरअसल प्रोटेम स्पीकर तब तक काम करते हैं. जब तक सदन स्पीकर को प्रोटेम स्पीकर के ऊपर राज्यपाल शपथ दिलाते हैं. और फिर प्रोटेम स्पीकर सदन में मुख्यमंत्री और सभी विधायकों को शपथ दिलाते हैं. इसके बाद प्रोटेम स्पीकर ही सदन में स्पीकर के लिए चुनाव करतेहैं. जब स्पीकर को चुन लिया जाता है तो प्रोटेम स्पीकर का कार्यकाल समाप्त हो जाता है.