दिल्ली विधानसभा के पहले सत्र के दौरान जोरदार हंगामा हुआ, जिसके चलते स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (AAP) के 21 विधायकों कोतीन दिनों के लिए निलंबित कर दिया। अब ये विधायक 28 फरवरी तक सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। हालांकि, अमानतुल्लाह खानसदन में मौजूद नहीं थे, इसलिए उन्हें सस्पेंड नहीं किया गया।
सत्र की अवधि बढ़ी, CAG रिपोर्ट पर हंगामा
इस हंगामे के बीच विधानसभा सत्र की अवधि को दो दिनों के लिए बढ़ा दिया गया, और अब यह 1 मार्च तक चलेगा। दिल्ली सरकार ने नियंत्रक एवंमहालेखा परीक्षक (CAG) की 14 रिपोर्ट सदन में पेश की, जिनमें आम आदमी पार्टी की पूर्व सरकार द्वारा की गईं कथित वित्तीय अनियमितताओं काजिक्र था।
शराब घोटाले से सरकारी खजाने को 2026 करोड़ रुपये का नुकसान
सीएजी रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की पूर्व सरकार की नीतियों के कारण सरकारी खजाने को 2026 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। रिपोर्ट में यह भीकहा गया कि तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक्सपर्ट पैनल की सिफारिशों को अनदेखा किया था।
हंगामे के बाद विपक्षी विधायकों को किया गया बाहर
सत्र की शुरुआत उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण से हुई, लेकिन सीएजी रिपोर्ट के विरोध में AAP विधायकों ने सदन में हंगामा शुरू करदिया। स्पीकर ने विधायकों से बार-बार शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन जब हंगामा नहीं रुका, तो उन्होंने 21 विधायकों को निलंबित करमार्शलों से सदन से बाहर निकलवा दिया।
सदन के बाहर AAP का प्रदर्शन
निलंबन के बाद AAP विधायकों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सीएम कार्यालय से डॉक्टर भीमरावअंबेडकर की तस्वीर हटाए जाने पर सवाल उठाया और केंद्र सरकार की मंशा पर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बाबासाहेब अंबेडकर से बड़े हैं, जो उनकी तस्वीर हटाकर पीएम की तस्वीर लगाई गई है।