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Dellhi latest Update: दिल्ली सरकार ने ग्रीन कैटेगरी इंडस्ट्रीज के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया में सुधार कर व्यापार को आसान बनाने की दिशा मेंबड़ा कदम उठाया है. अब कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) की मंजूरी 120 दिन के बजाय सिर्फ 20 दिन में मिलेगी. अगर तय समय में फैसला नहीं हुआ, तोआवेदन अपने आप मंजूर माना जाएगा. इससे लाइसेंस प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होगी. इससे छोटे-मझोले उद्यमियों को लाइसेंस की उलझनों सेराहत मिलेगी. पर्यावरण और उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को इसकी घोषणा की कि अब सीटीओ (यानि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सेमिलने वाला अनुमति पत्र) की मंजूरी 120 दिन के बजाय सिर्फ 20 दिन में मिलेगी. यह सुधार अगले महीने अगस्त से लागू होगा.

डबल इंजन सरकार का कमाल
मंत्री ने कहा कि यह दिल्ली के व्यापारियों की पुरानी मांग थी इसलिए पुराने लाइसेंस सिस्टम की जटिलताओं को खत्म किया गया. यह डबल इंजनसरकार का कमाल है. उन्होंने इसके लिए उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का भी आभार जताया है. यह सुधार 65 से ज्यादा ग्रीनइंडस्ट्रीज, जैसे रेडीमेड कपड़े, आयुर्वेदिक दवाइयां, फर्नीचर, पैकेजिंग, ऑप्टिकल गुड्स, खिलौने और कोल्ड स्टोरेज को फायदा देगा। ये सेक्टर कमप्रदूषण वाले हैं और अब इन्हें तेज मंजूरी मिलेगी. सिरसा ने बताया कि ज्यादातर लघु और मध्यम उद्योग हैं, जो अब बिना देरी के काम शुरू करसकेंगे।. दिल्ली सरकार सिंगल विंडो सिस्टम लागू कर रही है, जिससे अप्रूवल प्रक्रिया आसान, पेपरलेस और पारदर्शी होगी. सिरसा ने कहा कि यहदिल्ली के उद्यमियों के लिए साफ संदेश है कि हम जिम्मेदार और तेज व्यापार के लिए तैयार हैं. यह सुधार दिल्ली के एमएसएमई सेक्टर को गति देगाऔर पर्यावरण संरक्षण को भी सुनिश्चित करेगा. उद्यमियों को अब न बेवजह दस्तावेज जमा करने होंगे, न ही देरी होगी. पर्यावरण और उद्योग मंत्रीमनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को इसकी घोषणा की कि अब सीटीओ (यानि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिलने वाला अनुमति पत्र) की मंजूरी 120 दिन के बजाय सिर्फ 20 दिन में मिलेगी.

अप्रूवल सिस्टम लागू कर रही है
यह सुधार अगले महीने अगस्त से लागू होगा.सरकार सिंगल विंडो अप्रूवल सिस्टम भी लागू कर रही है. जिससे उद्यमियों को बार-बार कार्यालयों केचक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे अब लाइसेंसिंग प्रक्रिया डिजिटल, पेपरलेस और ट्रैक-एबल होगी. “अब व्यापारियों को न तो अनावश्यक दस्तावेज देने होंगेऔर न ही किसी कार्यालय में लाइन लगानी पड़ेगी. यह एक भरोसेमंद और सक्षम शासन की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है. इस कदम से दिल्लीके MSME सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण के मानकों के साथ व्यापारिक गति को भी बढ़ावा मिलेगा. यह पहल दिल्ली को एकप्रगतिशील, उद्योग-अनुकूल और जिम्मेदार प्रशासन की दिशा में अग्रसर करेगी.यह दिल्ली के व्यापारियों की वर्षों पुरानी मांग थी अब लाइसेंसिंगप्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाया गया है. अगर 20 दिन में निर्णय नहीं होता तो आवेदन स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा.

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