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नागपुर में धार्मिक ग्रंथ जलाने की अफवाह के बाद सोमवार रात को हिंसा भड़क उठी। हिंसक घटनाओं के चलते 11 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दियागया है। पुलिस ने अब तक 50 लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।

दंगाइयों का उत्पात: वाहनों में आगजनी और पथराव
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चिटनिस पार्क और हंसपुरी सहित कई इलाकों में दंगाइयों ने जमकर उत्पात मचाया। कई वाहनों को आग के हवालेकर दिया गया और पुलिसकर्मियों व स्थानीय निवासियों के घरों पर पथराव किया गया। इस हिंसा में 34 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमेंतीन डीसीपी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। एक डीसीपी पर कुल्हाड़ी से हमला हुआ।

सजावट का सामान और वाहन जलाए
रामनवमी शोभा यात्रा की तैयारियों में जुटे चंद्रकांत कावड़े ने बताया कि उपद्रवियों ने उनके सजावट के सभी सामान जला दिए और घर पर पथरावकिया। हंसपुरी क्षेत्र के एक अन्य निवासी ने बताया कि भीड़ ने रात करीब 10:30 बजे उनके घर के बाहर खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।

कानून-व्यवस्था पर सख्ती: पुलिस बल तैनात
हिंसा के बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) की पांच टुकड़ियों कोसंवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में बयान देते हुए कहा कि अफवाह के चलते स्थिति बिगड़ी औरहिंसा भड़क उठी।

मुख्यमंत्री फडणवीस का बयान और विपक्ष की आलोचना
मुख्यमंत्री फडणवीस ने “छावा” फिल्म को हिंसा के पीछे एक कारण बताया, जिससे लोगों का गुस्सा भड़क गया। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इसबयान की कड़ी आलोचना की और मुख्यमंत्री पर कानून-व्यवस्था में विफलता का आरोप लगाया।

हालात पर काबू और शांति की अपील
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पुलिस ने हालात पर तेजी से काबू पाया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से शांतिबनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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