महाराष्ट्र के नागपुर में हाल ही में हुई हिंसा के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ में दावा किया गया हैकि इस दंगे के पीछे खुद बीजेपी के कुछ नेताओं का हाथ हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, यह साजिश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को राजनीतिक रूपसे घेरने के लिए रची गई थी।
संजय निरुपम का पलटवार: उद्धव ठाकरे पर कसा तंज
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने इस बयान को लेकर उद्धव ठाकरे पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे जल्द ही अपने नए भगवानऔरंगजेब को मानने लगेंगे और मातोश्री में बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर के बगल में औरंगजेब की फोटो लगा देंगे। निरुपम ने कहा कि मुस्लिम वोटोंके लिए उद्धव ठाकरे कुछ भी बोल रहे हैं और इसी कारण हिंदू मतदाता उनसे दूर होते जा रहे हैं।
संजय राउत के बयान पर भी कड़ा प्रतिकार
शिवसेना नेता संजय राउत ने पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की तुलना कैद में रखे शाहजहां से की थी। इस पर संजय निरुपम नेपलटवार करते हुए कहा कि आडवाणी जी को पार्टी और हिंदू संगठनों का अपार सम्मान प्राप्त है और केंद्र सरकार उनका पूरा ख्याल रखती है। उन्होंनेराउत के बयान को अनुचित और असंवेदनशील बताया।
कैसे भड़की हिंसा?
नागपुर में 17 मार्च को हिंसा उस समय भड़क उठी जब अफवाह फैली कि छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांगको लेकर हुए प्रदर्शन में धार्मिक सामग्री जलाई गई थी। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के बाद कई हिस्सों में पथराव औरआगजनी हुई।
हिंसा में कई लोग घायल
नागपुर हिंसा के दौरान पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) स्तर के तीन अधिकारियों सहित कुल 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसके अलावा, हिंसा मेंगंभीर रूप से घायल इरफान अंसारी (40) ने शनिवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया।
राजनीतिक विवाद और आरोप-प्रत्यारोप
नागपुर हिंसा के बाद शिवसेना और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां एक ओर शिवसेना ने बीजेपी पर साजिश का आरोपलगाया है, वहीं बीजेपी ने इन बयानों को महज राजनीतिक स्टंट करार दिया है।