
कांग्रेस ने एक बड़ा खुलासा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि बिहार के भागलपुरजिले के पीरपैंती इलाके में अडानी समूह को मात्र 1 रुपये प्रतिवर्ष की दर से 1,050 एकड़ ज़मीन और 10 लाख पेड़ 33 साल के लिए सौंप दिए गएहैं। यह सौदा इतना सस्ता है कि इसे जनता के साथ सीधा-सीधा धोखा कहा जा सकता है। कांग्रेस ने भाजपा और नीतीश सरकार पर हमला करते हुएकहा कि यह सौदा असल में अडानी को फायदा पहुँचाने और बिहार की जनता से लूट करने का तरीका है।
मोदी–अडानी की दोस्ती पर कांग्रेस का सवाल
पवन खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ़ अपने उद्योगपति दोस्त अडानी को फायदा पहुँचाने के लिए जनता के संसाधन बेच रहे हैं। खेड़ा नेआरोप लगाया कि किसानों से यह ज़मीन जबरदस्ती और धमकाकर ली गई है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की ज़मीन ली गई, उन्हें बोलने तक कामौका नहीं दिया गया। खेड़ा ने बताया कि आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करने बिहार पहुंचे, तो कई किसानों को घरों मेंही नजरबंद कर दिया गया ताकि वे बाहर आकर विरोध न कर सकें। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला करार दिया और कहा कि जनता को आवाजउठाने का अधिकार तक नहीं दिया जा रहा है।
ज़मीन, पेड़ और कोयला सब अडानी को दे दिया गया
पवन खेड़ा ने कहा कि यह मामला केवल ज़मीन तक सीमित नहीं है। इसके साथ-साथ किसानों के खेतों में लगे लाखों आम, लीची और सागवान जैसेपेड़ भी काट दिए गए हैं। उन्होंने इसे आम के आम, गुठलियों के दाम वाली कहानी बताया। उन्होंने आगे कहा कि यह 21,400 करोड़ रुपये काप्रोजेक्ट है, जिसमें 2,400 मेगावाट का पावर प्लांट लगाया जाना है। पहले सरकार ने बजट में घोषणा की थी कि यह पावर प्लांट सरकार खुदलगाएगी। लेकिन बाद में अचानक निर्णय बदलकर यह पूरा प्रोजेक्ट अडानी को सौंप दिया गया।
बिहार को ही बेची जाएगी महंगी बिजली
कांग्रेस नेता ने बताया कि बिहार की ज़मीन, पेड़ और कोयले से बनने वाली बिजली बिहार की जनता को ही 6.075 रुपये प्रति यूनिट की दर से बेचीजाएगी। जबकि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में यही बिजली 3 से 5 रुपये की दर से मिलती है। यानी संसाधन बिहार से जाएंगे, लेकिनफायदा अडानी को होगा और नुकसान बिहार की जनता को। खेड़ा ने कहा कि यह डबल लूट है। एक तरफ ज़मीन और पेड़ छीन लिए जा रहे हैं, दूसरीतरफ जनता को उसी से बनी बिजली महंगी कीमत पर दी जा रही है।
चुनाव आते ही अडानी को दिए जाते हैं बड़े प्रोजेक्ट
पवन खेड़ा ने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है। जब भी चुनाव नज़दीक आते हैं और भाजपा को हार का डर लगता है, अडानी को बड़े-बड़ेप्रोजेक्ट्स सौंप दिए जाते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी ऐसे ही प्रोजेक्ट्स दिए जाने का जिक्र किया। उन्होंने नीतीश सरकार के125 यूनिट मुफ्त बिजली देने के वादे पर भी सवाल खड़े किए। खेड़ा ने कहा कि यह मुफ्त बिजली दरअसल टैक्स देने वाली जनता के पैसों से दीजाएगी। अडानी को तो 6.075 रुपये प्रति यूनिट ही मिलेंगे। यानी सरकार जनता की जेब से पैसा निकालकर अडानी को दे रही है और दिखावा कररही है कि बिजली मुफ्त है।
कांग्रेस की चेतावनी जनता का हक छीना तो विरोध होगा
पवन खेड़ा ने इस पूरे सौदे को घोर कलयुग करार देते हुए कहा कि कांग्रेस इसका पूरी ताक़त से विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि अगर बिहार में कांग्रेसकी सरकार बनी, तो इस तरह के समझौते बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और ऐसे सभी सौदे रद्द कर दिए जाएंगे। खेड़ा ने जनता से भी सवाल पूछाकि आखिर यह कैसा न्याय है कि बिहार की ज़मीन और पेड़ काटकर बिजली बनाई जाए और वही बिजली बिहार के लोगों को सबसे महंगी दर परबेची जाए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि बिहार की जनता अपनी आवाज बुलंद करे और इस लूट का जवाब मांगे।
इस पूरे मामले ने बिहार की राजनीति को गरमा दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा और नीतीश सरकार जनता को धोखा देकर अडानी कोफायदा पहुँचा रही है। सवाल यह है कि क्या बिहार की जनता इस लूट के खिलाफ़ खड़ी होगी और सरकार से जवाब मांगेगी?