प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी एक दिवसीय यात्रा के दौरान उत्तरकाशी पहुंचे, जहां उन्होंने मुखवा और हर्षिल से उत्तराखंड में शीतकालीन तीर्थाटन औरपर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों और कॉर्पोरेट जगत के प्रतिनिधियों को उत्तराखंड आनेका निमंत्रण दिया। पीएम मोदी ने प्रदेश के विंटर टूरिज्म को “घाम तापो टूरिज्म” के रूप में प्रस्तुत किया।
उत्तराखंड से आत्मीय लगाव व्यक्त किया
हर्षिल में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने सबसे पहले माणा में हुए हिमस्खलन में दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंनेउत्तराखंड की आध्यात्मिक शक्ति की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें मां गंगा के आशीर्वाद से इस पवित्र भूमि की सेवा का अवसर मिला है। उन्होंनेअपने काशी सांसद बनने का श्रेय भी मां गंगा की कृपा को दिया।
“यह दशक उत्तराखंड का होगा”
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वह कुछ वर्ष पहले केदारनाथ दर्शन के लिए आए थे, तो उनके मुख से यह वाक्य स्वतः ही निकला था कि “यह दशकउत्तराखंड का होगा।” उन्होंने इसे बाबा केदार का आशीर्वाद बताते हुए कहा कि अब यह भविष्यवाणी सच होती दिख रही है और राज्य तेजी से विकासकी ओर बढ़ रहा है।
365 दिन पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत
पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में पूरे साल पर्यटन को सक्रिय बनाए रखना जरूरी है, ताकि कोई भी मौसम “ऑफ-सीजन” न कहलाए। उन्होंने यहभी उल्लेख किया कि वर्तमान में अधिकतर पर्यटक मार्च से जून के बीच उत्तराखंड आते हैं, जबकि अन्य महीनों में पर्यटन गतिविधियां कम हो जाती हैं।
विंटर वेडिंग और वेलनेस टूरिज्म पर जोर
प्रधानमंत्री ने “वेड इन इंडिया” अभियान के तहत भारतीयों को देश में ही विवाह समारोह आयोजित करने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया किउत्तराखंड को शीतकालीन विवाह स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, प्रदेश केप्राकृतिक हॉट स्प्रिंग्स (गर्म जल स्रोत) को वेलनेस स्पा के रूप में विकसित करने की भी जरूरत बताई।
डबल इंजन सरकार कर रही उत्तराखंड के विकास को मजबूत
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने में जुटी हैं। चारधाम यात्रा, ऑल वेदर रोड, आधुनिकएक्सप्रेसवे, रेलवे और हेलीकॉप्टर सेवाओं के विस्तार से प्रदेश में बुनियादी ढांचे को सशक्त किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री की इस यात्रा और घोषणाओं से उत्तराखंड के पर्यटन और आर्थिक विकास को नया प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।