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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सूरत में खाद्य सुरक्षा संतृप्ति अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह अभियान भेदभाव रहितसमाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि हर जरूरतमंद को भोजन और पोषण सुरक्षा मिले। उन्होंने इसे देश के अन्यजिलों और राज्यों के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बताया।

सूरत ने दी देश को नई दिशा
पीएम मोदी ने सूरत की सराहना करते हुए कहा कि यह शहर व्यापार और विकास में तो अग्रणी है ही, अब यह गरीबों और वंचितों को भोजन सुरक्षाप्रदान करने में भी एक मिसाल बन रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान इस बात की गारंटी देगा कि कोई भी व्यक्ति वंचित न रहे और सभी को समानअवसर मिले।

सरकार की प्रतिबद्धता – कोई छूटेगा नहीं, कोई रूठेगा नहीं
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार की नीति यही है कि हर जरूरतमंद को उसका अधिकार मिले। उन्होंने कहा, “जब सरकार ही लाभार्थी केदरवाजे पर जा रही है, तो कोई छूटेगा कैसे? और जब कोई छूटेगा नहीं, तो कोई रूठेगा कैसे?”

कोविड काल में दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजना
पीएम मोदी ने गरीब कल्याण योजना का जिक्र करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के समय जब देश को सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब सरकार ने यहसुनिश्चित किया कि गरीबों के घर का चूल्हा जलता रहे। केंद्र सरकार अब तक इस योजना के तहत दो लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर चुकी है।

पौष्टिक भोजन से स्वस्थ भारत की ओर
प्रधानमंत्री ने कहा कि पौष्टिक आहार और स्वच्छता विकसित भारत की नींव हैं। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान और हर घर जल योजना नेगांवों में बीमारियों को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई है।

वन नेशन, वन राशन कार्ड – अब हर जगह मिलेगा लाभ
पीएम मोदी ने बताया कि पहले एक जगह का राशन कार्ड दूसरी जगह मान्य नहीं होता था, जिससे गरीबों को परेशानी होती थी। इसे दूर करने के लिएवन नेशन, वन राशन कार्ड योजना लागू की गई, जिससे देशभर में कहीं भी राशन प्राप्त करना आसान हो गया। उन्होंने बताया कि सरकार ने अब तकपांच करोड़ से अधिक फर्जी राशन कार्ड सिस्टम से हटा दिए हैं और राशन वितरण प्रणाली को आधार से जोड़ा है।

गरीबों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मिशन मोड पर काम
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते दशक में गरीबों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने मिशन मोड में काम किया है। गरीबों के लिए पक्का घर, शौचालय, गैस कनेक्शन और नल कनेक्शन जैसी योजनाएं चलाई गई हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने बताया कि 60 करोड़ से ज्यादालोगों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देने की सुविधा दी गई

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