प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जनवरी 2025 को जम्मू रेलवे डिवीजन का उद्घाटन किया और भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण की सफलता की सराहना की।उन्होंने बताया कि 2014 तक भारतीय रेलवे के केवल 35% ट्रैक का विद्युतीकरण हुआ था, जो अब लगभग 100% पूरा हो चुका है।
नया जम्मू रेलवे डिवीजन
यह डिवीजन पहले फिरोजपुर रेलवे डिवीजन से अलग होकर स्थापित किया गया है, जिसका मुख्यालय जम्मू में होगा। शुरूआत में यह 721 किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करेगा, जिसमें जम्मू से श्रीनगर-बड़गाम, पठानकोट, जोगिंदरनगर और अन्य नजदीकी रेलवे सेक्शन शामिल हैं।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार
जम्मू रेलवे डिवीजन के गठन से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के पठानकोट क्षेत्र की फिरोजपुर डिवीजन पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी, जिससे रेलवे सेवाओं की दक्षता और कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
स्थानीय विकास को बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने इसे क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यह लंबे समय से लंबित था और अब इसे पूरा किया गया है। इससेस्थानीय लोगों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, साथ ही क्षेत्रीय विकास को एक नई दिशा मिलेगी।
30,000 करोड़ की परियोजनाओं की घोषणा
प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू में आयोजित विशाल रैली में क्षेत्र के लिए 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की घोषणा की। येपरियोजनाएं बुनियादी ढांचे, परिवहन और रोजगार में वृद्धि को प्रोत्साहित करेंगी।
मांगों का समाधान
इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और भाजपा नेताओं ने जम्मू को एक स्वतंत्र रेलवे डिवीजन घोषित करने की मांग कीथी, जिसे अब पूरा किया गया है।
क्षेत्रीय रेलवे सेवाओं पर सकारात्मक प्रभाव
इस नए डिवीजन के गठन से रेलवे सेवाओं की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को उन्नत सेवाएं प्राप्त होंगी। इससेजम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।