*कार्यक्रम का आयोजन और उद्देश्य*
12 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में “विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2025” कार्यक्रम में भाग लिया।यह आयोजन राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर किया गया था। इसका उद्देश्य देशभर के युवाओं को राजनीति औरराष्ट्र निर्माण में शामिल करने के लिए प्रेरित करना था।
*युवा नेताओं के साथ संवाद और परियोजनाओं का निरीक्षण*
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने 3,000 युवा नेताओं से मुलाकात की, उनके प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया और उनके विचारों को समझा। ये प्रोजेक्ट्सदेश की प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए उनकी नवाचारी सोच को दर्शाते थे। प्रधानमंत्री ने युवाओं के साथ बातचीत कर उनकी प्रेरणाओं औरयोजनाओं पर चर्चा की।
*निबंध संग्रह का विमोचन*
कार्यक्रम में 10 महत्वपूर्ण विषयों पर लिखे गए सर्वश्रेष्ठ निबंधों के संकलन का विमोचन भी किया गया। इन विषयों में प्रौद्योगिकी, स्थिरता, महिलासशक्तिकरण, कृषि और विनिर्माण जैसे क्षेत्र शामिल थे।
*प्रधानमंत्री का संदेश*
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं का जोश और उनका समर्पण भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंनेयुवाओं से आग्रह किया कि वे अपने कौशल और विचारों का उपयोग देश की प्रगति में करें।
*चयन प्रक्रिया*
युवाओं का चयन तीन चरणों में किया गया:
1. प्रारंभिक राउंड (क्विज) यह राउंड 12 भाषाओं में आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रीय और वैश्विक मुद्दों पर आधारित प्रश्न शामिल थे।
2. मध्य राउंड (समूह चर्चा)
चयनित प्रतिभागियों ने “विकसित भारत” में योगदान को लेकर अपने विचार साझा किए।
3. अंतिम राउंड (व्यक्तिगत प्रस्तुति) प्रतिभागियों ने अपने अभिनव प्रोजेक्ट्स और समाधानों को प्रस्तुत किया।
*युवाओं के लिए एक विशेष मंच*
यह कार्यक्रम पारंपरिक युवा महोत्सव की परंपरा को तोड़ते हुए, युवाओं को सीधे प्रधानमंत्री से संवाद और अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदानकरता है। यह पहल स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को ध्यान में रखते हुए, युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने कीदिशा में उठाया गया कदम है। वहीं”विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2025″ एक अनूठी पहल थी, जिसका उद्देश्य युवाओं को सशक्त बनानाऔर उनके नवाचारों को प्रोत्साहित करना था। इस कार्यक्रम ने युवाओं को राष्ट्रीय विकास में योगदान देने का एक सशक्त मंच प्रदान किया।