प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में ‘स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप’ (SOUL) लीडरशिप कॉन्क्लेव के पहले संस्करण का उद्घाटन किया। इसमौके पर भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे भी उनके साथ उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में भारत को एक ‘विकसित भारत’ बनाने के लिए हर भारतीय दिन-रात काम कर रहा है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए हमें हर क्षेत्र में और हर पहलू में उत्तम नेतृत्व की आवश्यकता है।
राष्ट्र निर्माण के लिए बेहतरीन नागरिकों का विकास जरूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ आयोजन होते हैं जो दिल के बहुत करीब होते हैं, और आज का कार्यक्रम भी ऐसा ही है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिएबेहतर नागरिकों के विकास को आवश्यक बताया और कहा कि ‘जन से जगत’ का सिद्धांत हमें प्रेरित करता है कि किसी भी ऊंचाई को प्राप्त करने केलिए हमें शुरुआत हमेशा जन से ही करनी चाहिए।
स्वामी विवेकानंद का नेतृत्व पर विश्वास
प्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद भारत को गुलामी से मुक्त करके उसे एक सशक्त राष्ट्रबनाना चाहते थे। उनका मानना था कि अगर उनके पास 100 अच्छे नेता होते, तो भारत को न केवल आजादी मिलती, बल्कि वह दुनिया का सबसेप्रमुख देश बन जाता। मोदी ने कहा कि हमें इसी मार्ग पर आगे बढ़ना होगा।
भारत का वैश्विक प्रभाव और नेतृत्व का विकास
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि आने वाले समय में भारत का प्रभाव और असर हर क्षेत्र में कई गुना बढ़ेगा। जब हम कूटनीति, टेक्नोलॉजी औरनवाचार में नए नेतृत्व को सामने लाएंगे, तो यह बदलाव और प्रभाव स्पष्ट रूप से महसूस होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का भविष्य एक मजबूतनेतृत्व पीढ़ी पर निर्भर करेगा, जिसके लिए हमें वैश्विक सोच के साथ स्थानीय पालन-पोषण को जोड़कर आगे बढ़ना होगा।
भूटान के प्रधानमंत्री का संबोधन
सोमवार को उद्घाटन के बाद, मुख्य भाषण भूटान के प्रधानमंत्री दासो शेरिंग तोग्बे ने दिया। इस सम्मेलन में राजनीति, खेल, कला, मीडिया, आध्यात्म, लोकनीति, व्यापार और समाजिक क्षेत्र से जुड़ी हस्तियां अपनी सफलता की कहानियां साझा करेंगी। यह सम्मेलन दो दिन तक चलेगा।