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बीपीएससी परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर का आमरण अनशन अब भी जारी है। सोमवार को गांधी मैदान में धरने पर बैठे प्रशांत किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई। हालांकि, उनकी तबियत लगातार बिगड़ रही थी, और इस कारण उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती किया गया।

अनशन के कारण बिगड़ी तबियत
प्रशांत किशोर ने 2 जनवरी से बिहार में शिक्षा व्यवस्था की खस्ताहाल स्थिति को लेकर आमरण अनशन शुरू किया था। छह दिन से जारी इस अनशन के चलते उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने लगी। डॉक्टरों के मुताबिक, अनशन के कारण उनकी तबियत खराब हो गई, और ठंड में बैठे रहने की वजह से उनकी स्थिति और बिगड़ी। मेडिकल रिपोर्ट शाम तक जारी की जाएगी, लेकिन डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को स्थिर बताया है।

जमानत पर रिहाई और कोर्ट का फैसला
सोमवार को पुलिस ने गांधी मैदान से प्रशांत किशोर को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस से एम्स और फिर फतुहा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल हुआ। कोर्ट ने शुरू में उन्हें सशर्त जमानत दी थी, जिसमें किसी भी धरना प्रदर्शन में भाग लेने पर पाबंदी लगाई गई थी, लेकिन प्रशांत किशोर ने इसे स्वीकार करने से मना कर दिया। बाद में कोर्ट ने उन्हें बिना शर्त जमानत दे दी।

धरने पर बैठे प्रशांत किशोर की निरंतरता
हालांकि, जमानत मिलने के बावजूद प्रशांत किशोर ने अपना अनशन जारी रखा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि “मामला तो गांधी मैदान में ही निपटाया जाएगा।” उनका यह संकेत है कि वह बीपीएससी परीक्षा के मामले में हाई कोर्ट का रुख करेंगे।

भविष्य की दिशा
प्रशांत किशोर का अनशन जारी रहने के साथ, यह स्पष्ट है कि वह बिहार में शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे को लेकर किसी भी तरह से पीछे हटने वाले नहीं हैं। फिलहाल, उनकी सेहत पर नजरें बनी हुई हैं, जबकि उनकी अगली कानूनी कदमों पर भी सभी की नजरें टिकी हैं।

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