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दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी के द्वारा प्रियंका गांधी के बारे में की गई विवादित टिप्पणी पर कांग्रेसमहासचिव प्रियंका गांधी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। प्रियंका ने इसे हास्यास्पद और अप्रासंगिक बताते हुए तंज कसा और कहा कि अगर बिधूड़ी गालोंकी बात कर रहे हैं तो उन्हें अपने गालों की भी चर्चा करनी चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम ने दिल्ली में सियासी माहौल को गर्म कर दिया है।

गालों की चर्चा ने चढ़ाया विवाद का तापमान
भा.ज.पा. उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी ने हाल ही में कहा था कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के ‘गालों’ जैसी सड़कें बनवाएंगे। यहबयान दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में तुरंत चर्चा का विषय बन गया। बिधूड़ी का यह बयान इतना विवादास्पद साबित हुआ कि इससे ना सिर्फदिल्ली बल्कि पूरे देश में सियासी माहौल गर्म हो गया। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद बिधूड़ी ने अपनी टिप्पणी पर खेद व्यक्त किया, लेकिन तब तकयह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था और राजनीतिक हलकों में इसकी तीखी प्रतिक्रिया हो चुकी थी।

प्रियंका गांधी ने दिया करारा जवाब
प्रियंका गांधी ने इस बयान पर मीडिया से बातचीत करते हुए इसे ‘‘हास्यास्पद’’ करार दिया और कहा कि इस तरह के अप्रासंगिक मुद्दों के बजायदिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान असल मुद्दों पर चर्चा की जानी चाहिए। प्रियंका ने बिधूड़ी के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘उन्होंने (बिधूड़ी) अपने गाल के बारे में कुछ नहीं कहा। यह एक हास्यास्पद टिप्पणी है और इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता।’’

प्रियंका ने आगे कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में बहुत जरूरी मुद्दों पर बहस होनी चाहिए, ना कि ऐसे बेतुके बयान दिए जाने चाहिए जो सिर्फचुनावी माहौल को गर्म करने के लिए होते हैं। जब उनसे यह पूछा गया कि बिधूड़ी ने अपने बयान पर खेद जताया है, तो प्रियंका ने इसे नकारते हुएकहा कि ऐसे बयान बेमतलब होते हैं और इनका कोई अर्थ नहीं होता।

चुनाव आयोग की सख्त टिप्पणी
रमेश बिधूड़ी की विवादास्पद टिप्पणी पर चुनाव आयोग ने भी कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ने मंगलवार को कहा था किमहिलाओं के बारे में इस प्रकार की ‘‘गंदी टिप्पणियां’’ स्वीकार नहीं की जा सकतीं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई इस तरह की बातें करता है, तो यहशर्मनाक है और इसे भर्त्सना की जानी चाहिए।’’

इसके साथ ही चुनाव आयोग ने चेतावनी दी कि यदि किसी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं के खिलाफ टिप्पणी की और वह हद पारकरता है, तो मामला दर्ज कराया जाएगा। चुनाव आयोग ने महिलाओं के बारे में अपशब्दों के प्रयोग पर सख्त कार्रवाई की बात कही और इसे चुनावीप्रक्रिया के साथ नहीं जोड़ा।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा, ‘‘अगर कोई हद पार करेगा, तो हम उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस तरह की टिप्पणियां महिलाओं और बच्चों के खिलाफकरना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।’’ आयोग ने यह भी कहा कि माताओं और बहनों के बारे में ऐसी टिप्पणियों को कभी भी सही नहीं ठहराया जा सकताहै।

विवादित बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रिया
रमेश बिधूड़ी के बयान को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई। कांग्रेस ने इसे बेहद अपमानजनक और घटिया स्तर काबयान करार दिया, जबकि आम आदमी पार्टी ने भी भाजपा की इस तरह की घटिया राजनीति की निंदा की।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यह बयान केवल महिला विरोधी नहीं, बल्कि समूचे राजनीतिक परिपाटी के लिए शर्मनाक है। आम आदमी पार्टी ने भी इसबयान को सत्ताधारी पार्टी के अहंकार और उनके निराशाजनक राजनीतिक दृष्टिकोण का प्रतीक बताया।

रमेश बिधूड़ी ने मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद रमेश बिधूड़ी ने सार्वजनिक रूप से अपने बयान पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों का कोई गलत मतलब नहीं निकालाजाना चाहिए था और अगर किसी को उनके बयान से ठेस पहुंची हो तो वह माफी मांगते हैं।

हालांकि, माफी के बावजूद यह बयान राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर गया। सवाल यह उठ रहे हैं कि क्या ऐसे बयानों से चुनावी मुद्दों सेध्यान भटकाना और महिलाओं के प्रति असम्मानजनक भाषा का प्रयोग राजनीतिक रुख को सही ठहराता है?

महिला सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा
प्रियंका गांधी द्वारा इस मुद्दे पर बयान देने के बाद यह सवाल भी उठता है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान महिला सुरक्षा, सम्मान और शिक्षाजैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा क्यों नहीं हो रही है। प्रियंका ने यह स्पष्ट किया कि दिल्ली के मतदाताओं को इस समय सच्चे और वास्तविक मुद्दों परध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, न कि इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयानों पर।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमारा ध्यान दिल्ली की जनता के लिए सशक्त निर्णय लेने और उनकी समस्याओं को हल करने पर होना चाहिए, न कि ऐसेबेतुके बयान देने वाले नेताओं पर।’’

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