बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले में हिंदू समुदाय के प्रमुख नेता भाबेश चंद्र रॉय की क्रूर हत्या ने क्षेत्र में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंताबढ़ा दी है। इस घटना की भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने कड़ी निंदा की है और इसे धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की बढ़ती घटनाओं की भयावहमिसाल बताया है।
लगातार हो रहे हैं हमले, कांग्रेस ने जताई गहरी चिंता
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने बयान जारी कर कहा कि यह घटना कोई एकल मामला नहीं है। बीते कुछ महीनों में बांग्लादेश में हिंदूअल्पसंख्यकों पर कई हमले हुए हैं, जिनमें मंदिरों को अपवित्र करना, घरों और दुकानों को निशाना बनाना और समाज में डर का माहौल पैदा करनाशामिल है। उन्होंने इस पैटर्न को गंभीर और चिंताजनक बताया।
भारत सरकार से कार्रवाई की मांग
कांग्रेस पार्टी ने भारत सरकार से अपील की है कि वह इस विषय को गंभीरता से उठाए और बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाए कि मामले की निष्पक्षऔर पारदर्शी जांच हो तथा दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा दी जाए। साथ ही धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की गारंटीसुनिश्चित की जाए।
‘चुप्पी और निष्क्रियता नहीं है विकल्प’
जयराम रमेश ने कहा कि जब ऐसी लक्षित हिंसा बढ़ती है, तो सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेसपार्टी बांग्लादेश के हिंदू समुदाय के साथ खड़ी है और धर्मनिरपेक्षता, न्याय तथा मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
साझा सांस्कृतिक विरासत की रक्षा की ज़रूरत
कांग्रेस का यह बयान भारत-बांग्लादेश के बीच साझा सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत की संवेदनशीलता को रेखांकित करता है। पार्टी ने स्पष्ट रूप सेसंदेश दिया है कि क्षेत्रीय स्थिरता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा दोनों में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।