बिहार कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथि के अवसर पर एक विशेष पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजितकिया गया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके आदर्शों को यादकिया।
गांधी के विचारों की प्रासंगिकता पर जोर
पुष्पांजलि कार्यक्रम के बाद, बिहार कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी ने महात्मा गांधी के विचारों की अहमियत पर बात की। उन्होंनेकहा कि गांधी की हत्या करने वाले लोग आज उनके विचारों की हत्या करने पर तुले हुए हैं। कादरी ने यह भी कहा कि गांधी वैश्विक राजनीतिक संतथे, और उनके द्वारा प्रतिपादित सत्य और अहिंसा के प्रयोग को न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी अपनाया गया, जिससे वहां के नेताओं ने अपनेदेशों में सफलता हासिल की। कादरी ने यह भी बताया कि आज के दौर में गांधी के विचारों को नई पीढ़ी में फैलाने की जरूरत है, ताकि गांधीवाद केसिद्धांतों को समझा जा सके और उन्हें जीवन में उतारा जा सके।
गांधीवाद से मिलती है प्रेरणा
पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक ने गांधी के विचारों को अजर-अमर बताया और कहा कि गांधी एक विचार थे और विचार कभी नहीं मरते। उनके आदर्श औरविचार आज भी पूरे विश्व में जीवित हैं। पाठक ने यह भी कहा कि गांधीवाद से अहिंसा और सत्याग्रह का सशक्त संदेश मिला, जिससे भारत ने विकासकी दिशा में कदम बढ़ाया और इस सिद्धांत को पूरी दुनिया में स्वीकारा गया।
कार्यक्रम में शामिल वरिष्ठ नेता
पुण्यतिथि के इस मौके पर कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता उपस्थित थे। इनमें प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, पूर्व मंत्री कृपानाथपाठक, प्रेमचंद्र मिश्रा, कोषाध्यक्ष निर्मल वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ कांग्रेसजन शामिल थे। सभी ने महात्मा गांधी के योगदान को याद करते हुए उनकेविचारों को आत्मसात करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस आयोजन ने महात्मा गांधी के जीवन और उनके विचारों को एक बार फिर से जनमानस में जागरूक करने का अवसर प्रदान किया और उनके सिद्धांतोंको आज भी प्रासंगिक बनाए रखने की प्रतिबद्धता को प्रकट किया।