बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने प्रशांत किशोर के अनशन को समाप्त कराने के लिए पहल की है। राज्यपाल ने प्रशांत किशोर से कहा हैकि वे छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल भेजें, और सभी मिलकर समाधान का प्रयास करें। यह जानकारी प्रशांत किशोर की टीम ने दी है।
प्रशांत किशोर की बैठक: छात्रों के प्रतिनिधियों से संवाद
प्रशांत किशोर ने 10:30 बजे शेखपुरा स्थित अपने आवास पर छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने का निर्णय लिया है। यह बैठक उनकी ओरसे उठाए गए मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा करने के लिए आयोजित की जाएगी।
BPSC द्वारा प्रशांत किशोर को कानूनी नोटिस
इससे पहले, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने प्रशांत किशोर समेत कुछ अन्य लोगों को कानूनी नोटिस जारी किया था। यह नोटिस 13 दिसंबरको राज्यभर में आयोजित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (CCE) पर उठे विवाद को लेकर था। बीपीएससी ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने आयोगके खिलाफ निराधार आरोप लगाए। बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक, राजेश कुमार सिंह ने कहा था कि आयोग ने कुछ राजनेताओं और कोचिंग सेंटर सेजुड़े व्यक्तियों को नोटिस भेजा है, और जल्द ही और नोटिस जारी किए जाएंगे।
प्रशांत किशोर पर आरोप और नोटिस का विवाद
प्रशांत किशोर को यह नोटिस 70वीं CCE में गड़बड़ी के आरोपों के लिए भेजा गया था। नोटिस में कहा गया था कि किशोर को अपने आरोपों केसमर्थन में सात दिनों के भीतर “अकाट्य और सत्यापन योग्य सबूत” प्रस्तुत करने होंगे। किशोर पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने कहा था कि”बच्चों की नौकरियां 1 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपये में बेची गईं” और यह घोटाला ₹1,000 करोड़ से अधिक का है। नोटिस पाने वाले अन्य प्रमुखव्यक्ति पटना के ट्यूटर और यूट्यूबर खान सर भी थे, जिन्होंने बीपीएससी की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है।