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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के भागलपुर में किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त जारी करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसादयादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग पशुओं का चारा खाने के आरोपी हैं, वे किसानों का भला नहीं कर सकते। इससे पहले, लालूयादव ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री की सभा को लेकर टिप्पणी करते हुए लिखा था कि “बिहार में फिर झूठ और जुमलों की बरसात होगी।” इसपर पीएम मोदी ने अपने भाषण में करारा जवाब दिया।

विकसित भारत के चार स्तंभ
भागलपुर हवाई अड्डा मैदान में आयोजित किसान महासभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने लाल किले से स्पष्ट किया था किविकसित भारत के चार मजबूत स्तंभ हैं—गरीब, अन्नदाता किसान, नौजवान और नारी शक्ति। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार, चाहे केंद्र में हो याराज्य में, हमेशा किसानों के कल्याण को प्राथमिकता देती है।

किसानों के लिए केंद्र सरकार की पहल
पीएम मोदी ने बताया कि उनकी सरकार ने किसानों की हर समस्या का समाधान करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि किसान को बेहतर बीज, सस्ती खाद, सिंचाई की सुविधा, पशुओं की सुरक्षा और प्राकृतिक आपदा से राहत की जरूरत होती है। लेकिन, जिन लोगों ने चारा घोटाले में संलिप्तहोकर पशुओं का चारा तक खा लिया, वे किसानों की इन परेशानियों को कभी नहीं समझ सकते। उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए सरकार ने इनसमस्याओं को गंभीरता से लिया और समाधान के लिए ठोस कदम उठाए।

खाद की सुलभता पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले खाद की चोरी होती थी और किसानों को लाठियां खानी पड़ती थीं, लेकिन अब उनकी सरकार ने यह स्थिति बदल दी है।उन्होंने दावा किया कि अगर एनडीए सरकार न होती, तो आज भी बिहार का बरौनी खाद कारखाना बंद पड़ा रहता। उन्होंने कहा कि कई देशों में खादकी एक बोरी की कीमत 3,000 रुपये तक पहुंच गई है, लेकिन भारत में किसानों को 300 रुपये से भी कम में खाद उपलब्ध कराई जा रही है।

केंद्र सरकार की आर्थिक सहायता
पीएम मोदी ने बताया कि उनकी सरकार किसानों के हितों के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यूरिया और डीएपी की कीमतों का बोझकिसानों पर न पड़े, इसलिए केंद्र सरकार ने खुद इन पर सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। पिछले 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने खाद पर लगभग 12 लाखकरोड़ रुपये की राशि खर्च की है, जिससे किसानों की जेब से अतिरिक्त पैसे खर्च होने से बचाए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार आगे भी कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों के कल्याण के लिएसमर्पित रहेगी।

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