पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के यूएसएड और अमेरिका अरबपति निवेशक जार्ज सोरोस के साथ कथित संबंधो के दावों पर मंगलवार को बीजेपी औरकांग्रेस के बीच जुबानी जंग हो गई. जिसको लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे तथा कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने देश में युएसएडपरियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए स्मृति ईरानी की आलोचना की. उन्होनें स्मृति ईरानी पर जार्ज सोरोस का असली एजेंट होने के आरोप लगाते हुएकहा कि ईरानी ने भारत में यूएसएड सद्भावना राजपूत के रुप में काम किया है.उन्होनें बीजेपी पर राजनीतिक लाभ के लिए जार्ज सोरोस को बदनामकरने का आरोप लगाया है. निशाना साधते हुए कहा सत्तारुढ़ पार्टी के दोहर मापदंडों को उजागर करने के लिए उत्तराधिकारी दस्तावेज भी साझा किएहै. दरअसल यूएसएड दुनिया कि सबसे बड़ी अमेरिकी सहायता कंपनियों में से एक है.
बीजेपी की तरफ से की गई तीखी प्रतिक्रिया
इस पर दूसरे देशों में लोकतांत्रिक रुप से निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने का आरोप रहे है. फिलहाल कांगेस के आरोपों पर बीजेपी की ओर सेत्वरित और तीखी प्रतिक्रिया आई है. बीजेपी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि कांग्रेस की सप्रसंग सरकार के समय स्मृति ईरानी कोटेलीविजन धारावाहिक ” सास भी कभी बहू थी” स्मृति को इसके लिए काफी लोकप्रियता मिली थी. इसके आधार पर उन्हें विश्न स्वास्थ्य संगठन द्धाराउन्हें तीन साल के लिए (2002 से 2005 तक) ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट (ओआरएस) सद्भावना ब्रांड एंबेसडर के रुप में चुना गया था.
इंदौर की रिपोर्ट में किया गया उल्लेख
इस कार्यक्रम को 2002 से 2003 तक आश्चर्यजनक सफलता मिली और आइआइएम – इंदौर की रिपोर्ट में भी इसका उल्लेख किया गया.लेकिनउन्होनें पार्टी पर प्रहार करते हुए कहा कि असफल व्यक्ति द्धारा संचालित कांग्रेस पार्टी इसका इस्तेमाल नीचा दिखाने और बदनाम करने के लिए कररही है.स्मृति ईरानी की मौजूदगी वाले विश्व स्वास्थ्य संगठन के इस कार्यक्रम का दिल्ली परिवहन निगम समेत अन्य ने भी समर्थन किया था.डीटीसी नेभी अपनी बसों में इससे जुड़ी प्रचार सामग्री लगाने की अनुमति पहले से ही दी थी.