
हजारों आप समर्थकों के वोट कटे
आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाया है कि 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक सोची-समझी साज़िश के तहत हजारों आपसमर्थकों के वोट कटवाए गए। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि लोकतंत्र की खुल्लम-खुल्ला लूट हो रही है और चुनावआयोग भाजपा की मददगार बन गया है।
कई बार उठाया मुद्दा, लेकिन कार्रवाई नहीं
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि गैर-कानूनी तरीके से वोट काटे जाने पर आम आदमी पार्टी ने बार-बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की और चुनाव आयोग से शिकायतकी। उस समय की मुख्यमंत्री आतिशी ने 5 जनवरी 2025 को मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा था। इसके बाद 8 और 9 जनवरी को भी उन्होंनेपत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की। यहां तक कि आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी चुनाव आयोग को पत्र लिखा। लेकिन बार-बारशिकायत और सबूत देने के बावजूद चुनाव आयोग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और मामले को दबा दिया।
वोटर लिस्ट में चौंकाने वाले बदलाव
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि नई दिल्ली विधानसभा में 2020 के चुनाव में वोटरों की संख्या 1,46,000 थी, लेकिन अक्टूबर 2024 में जारी सूची मेंयह संख्या घटकर 1,04,000 रह गई। यानी पहले ही 42,000 वोट काट दिए गए थे। इसके अलावा 29 अक्टूबर 2024 से 15 दिसंबर 2024 तकऔर 6166 वोट काटने की अर्जियां दी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोगों के नाम से दर्जनों आवेदन दिए गए, जबकि उन लोगों ने खुद साफ कहाकि उन्होंने कोई अर्जी नहीं दी। यह साफ तौर पर फर्जीवाड़े का मामला है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह बेहद निराशाजनक है कि मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय नेता द्वारा बार-बार लिखित शिकायत करने के बावजूद चुनाव आयोग नेकोई जांच नहीं की। उन्होंने बताया कि जब इस मामले में पार्टी ने आरटीआई डाली तो चुनाव आयोग ने जवाब दिया कि यह व्यक्तिगत जानकारी हैऔर दी नहीं जा सकती। यहाँ तक कि आयोग ने यह भी नहीं बताया कि एफआईआर दर्ज हुई या नहीं। इससे साफ है कि आयोग पूरे मामले कोदबाना चाहता है।
कांग्रेस और राहुल गांधी ने भी उठाया मुद्दा
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी हाल ही में इसी मुद्दे को उठाया है। लेकिन यह नया मामला नहीं है, आम आदमी पार्टी के कईनेता पिछले 8-10 महीनों से लगातार इस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं और तथ्य सामने ला रहे हैं।
भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत का आरोप
आप नेता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग विपक्षी नेताओं को ट्रोल करने के लिए भाजपा की सोशल मीडिया आर्मी की मदद करता है। उदाहरणदेते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जब वोट डिलीट होने की बात कही तो चुनाव आयोग ने तुरंत इसे नकार दिया, जबकि सच यह है कि अभी भीचुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन वोट कटवाने की सुविधा उपलब्ध है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह सब केवल भाजपा को बचाने औरविपक्ष को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है।
लोकतंत्र के लिए खतरा
अंत में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आज हालत यह है कि लोग सोचते हैं सरकार उनके वोट से बनती है, लेकिन असल में भाजपा और चुनाव आयोगमिलकर सरकार बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक स्थिति है और जनता को सच्चाई जाननी चाहिए।