भारत एक नई दिशा में बढ़ रहा है, स्पेस की अंधेरी गहराइयों में नया इतिहास रचने की ओर।
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के सहयोग से भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अगले महीने यानी मई में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओररवाना होंगे। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस संबंध में जानकारी दी।
नासा और एक्सिओम स्पेस के साथ ट्रेनिंग
शुभांशु शुक्ला पिछले 8 महीनों से नासा और प्राइवेट स्पेस कंपनी एक्सिओम स्पेस के साथ प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस मिशन के तहत शुभांशु को भेजनेके लिए भारत ने करीब 60 मिलियन डॉलर का भुगतान किया है। यह एक प्राइवेट कॉमर्शियल मिशन है, जो भारतीय अंतरिक्ष यात्रा की दिशा में एकमहत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर बताया कि “भारत अपनी अंतरिक्ष यात्रा में एक निर्णायक अध्याय लिखने के लिए तैयार है।” उन्होंनेकहा, “ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) का दौरा करने वाले पहले भारतीय होंगे।” वे राकेश शर्मा के बाद चार दशकों मेंअंतरिक्ष यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री होंगे।
कम उम्र के अंतरिक्ष यात्री
शुभांशु शुक्ला इसरो द्वारा चुने गए सबसे कम उम्र के अंतरिक्ष यात्री हैं। उनकी उम्र सिर्फ 40 साल है, और उनके पास एक लंबा करियर है। इस मिशनकी कमांडर नासा की पूर्व अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन होंगी, जो अब एक्सिओम स्पेस के लिए काम करती हैं।
मिशन और स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन
इस मिशन में शामिल चार अंतरिक्ष यात्री स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन कैप्सूल में बैठेंगे, जो स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा। यह मिशनअमेरिकी फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरेगा।