प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एनएक्सटी’ सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान कहा कि भारत अब ‘न्यू फैक्ट्री ऑफ वर्ल्ड’ के रूप में उभर रहा है। उन्होंने‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान की सफलता का जिक्र करते हुए बताया कि भारतीय उत्पादों की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है और अब येअंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना रहे हैं।
‘वर्कफोर्स नहीं, वर्ल्ड फोर्स’ बना भारत
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को लंबे समय तक केवल ‘बैक ऑफिस’ के रूप में देखा जाता रहा, लेकिन अब देश एक ‘वर्ल्ड फोर्स’ बन चुका है।उन्होंने इस बदलाव को भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स की मेहनत का नतीजा बताया, जो आज सेमीकंडक्टर से लेकर एयरक्राफ्ट कैरियर तक कानिर्माण कर रहे हैं।
भारतीय उत्पादों की बढ़ती वैश्विक स्वीकृति
प्रधानमंत्री ने मखाना और बाजरा जैसे ‘सुपरफूड्स’, आयुष उत्पादों और योग की बढ़ती लोकप्रियता का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारतीयऑटोमोबाइल सेक्टर भी तेजी से आगे बढ़ रहा है और रक्षा क्षेत्र में देश का निर्यात बढ़ रहा है।
‘भारत की असली कहानियां दुनिया तक पहुंचनी चाहिए’
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को उसकी वास्तविकता के साथ दुनिया के सामने पेश किया जाना चाहिए, बिना किसी दिखावे के। उन्होंने भरोसाजताया कि नया वैश्विक समाचार चैनल भारत की उपलब्धियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।
भारत वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर
प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक पहलों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि दुनिया अब 21वीं सदी में भारत की ओर देख रही है। हाल ही में भारत ने एआईशिखर सम्मेलन की सह-मेजबानी की और जी-20 की अध्यक्षता की, जिससे उसकी वैश्विक स्थिति और मजबूत हुई है।
महाकुंभ से इनोवेशन और आयोजन क्षमता का प्रदर्शन
पीएम मोदी ने महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि इससे भारत की आयोजन क्षमता और इनोवेटिव अप्रोच का प्रदर्शन हुआ है। उन्होंने बताया किसरकार ने कई अप्रचलित कानूनों को समाप्त किया है, जिनमें से एक कानून अंग्रेजों के समय का था, जो 10 या अधिक लोगों के एक साथ नृत्य करनेको अपराध मानता था।
‘जनहित याचिका के ठेकेदारों’ पर कटाक्ष
प्रधानमंत्री ने कुछ समूहों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे हर मुद्दे पर अदालत जाते हैं, लेकिन पुराने और अप्रासंगिक कानूनों पर चुप रहते हैं। उन्होंनेकहा कि ऐसे लोग तब आज़ादी के बारे में नहीं सोचते थे, जब देश को वास्तव में इसकी जरूरत थी।