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मणिपुर में दंगा पीड़ितों को कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) ने विशेष अभियान शुरू किया है।इसके तहत 22 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के कई न्यायाधीश मणिपुर का दौरा करेंगे। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जस्टिस गवई करेंगे, जिनके साथजस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस कोटिश्वर सिंह भी शामिल होंगे।
यह विशिष्ट दल कानूनी और मानवीय सहायता का आकलन करेगा और विस्थापित लोगों की समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा करेगा।

चिकित्सीय सहायता के लिए डॉक्टर्स का दल भी रहेगा मौजूद
मणिपुर में कानूनी सहायता के साथ-साथ मेडिकल जरूरतों को पूरा करने के लिए चेन्नई से डॉक्टर्स की एक टीम भी वहां पहुंचेगी। यह टीम प्रभावितलोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और उनकी चिकित्सीय जरूरतों का आकलन करेगी। इसके अलावा, दंगा प्रभावित लोगों के नष्ट या खो गएदस्तावेजों और संपत्तियों से जुड़े मामलों में भी उचित सहायता प्रदान की जाएगी।

NALSA: न्याय तक समान पहुंच का संवैधानिक प्रयास
नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) भारत में न्यायिक सहायता तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए गठित एक संवैधानिक संस्था है।इसका गठन विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत किया गया था। NALSA का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचितवर्गों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करना है।

लोक अदालतों के जरिए विवादों का समाधान
NALSA ने लोक अदालतों के माध्यम से लाखों मामलों का निपटारा किया है। पिछले सप्ताह ही लोक अदालतों में ढाई करोड़ से अधिक मामलों कानिपटारा हुआ, जिसमें ट्रैफिक चालान, चेक बाउंस और संपत्ति विवाद जैसे मामलों को सुलझाया गया। इस पहल से न्यायालयों पर बढ़ते मामलों केबोझ को कम करने में भी मदद मिली है।
फ्री लीगल एड के लिए टोल फ्री नंबर और मोबाइल ऐप
NALSA ने आम जनता के लिए टोल फ्री नंबर 15100 उपलब्ध कराया है, जहां लोग फ्री कानूनी सहायता और परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। प्रतिदिनदेशभर से तीन हजार से अधिक कॉल्स प्राप्त होती हैं। जल्द ही वॉयस कॉल के माध्यम से भी सहायता प्राप्त करने की सुविधा शुरू की जाएगी। इसकेअलावा, NALSA एक मोबाइल ऐप भी विकसित कर रही है ताकि लोग अपनी समस्याएं सीधे प्राधिकरण तक पहुंचा सकें।

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