पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित पार्टी बैठक मेंवोटर लिस्ट में फर्जी नाम जोड़े जाने को लेकर सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की मतदाता सूची में बाहरी लोगों कोशामिल किया गया है और इसे लेकर सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
फर्जी मतदाताओं को लेकर सतर्कता
ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे वोटर लिस्ट में किसी भी गड़बड़ी पर नजर रखें। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर ध्यान देने केलिए टीएमसी नेता सुब्रत बक्सी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में जिलेवार कोर कमेटियां बनाई जाएंगी। ये कमेटियां हर तीन दिन में अपनी रिपोर्टकेंद्रीकृत समिति को सौंपेंगी।
बीजेपी पर मतदाता सूची में हेराफेरी का आरोप
सीएम ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर मतदाता सूची में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने हरियाणा औरगुजरात के फर्जी मतदाताओं को दिल्ली और महाराष्ट्र में चुनाव जिताने के लिए शामिल किया था। ममता बनर्जी का दावा है कि इसी तरह का षड्यंत्रपश्चिम बंगाल में भी रचा जा रहा है, जिससे 2026 के विधानसभा चुनावों को प्रभावित किया जा सके।
डेटा एंट्री एजेंसियों पर संदेह
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने दो ऑनलाइन एजेंसियों”एसोसिएशन ऑफ ब्रिलियंट माइंड्स” और “कंपनी इंडिया 360″को इस कामके लिए नियुक्त किया है। उन्होंने कहा कि इन एजेंसियों ने डेटा एंट्री ऑपरेटरों और कुछ ब्लॉक स्तर के रिटर्निंग अधिकारियों के साथ मिलकर मतदातासूची में बाहरी लोगों के नाम जोड़े। उनका दावा है कि ये एजेंसियां अन्य राज्यों के मतदाताओं को बंगाल के ईपीआईसी नंबर (EPIC Number) सेजोड़ रही हैं।
जिला स्तरीय कोर कमेटी का गठन
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी इस तरह की साजिश को सफल नहीं होने देगी। उन्होंने घोषणा की कि प्रत्येक जिले में कोर कमेटीगठित की जाएगी, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची में की जा रही हेराफेरी की पहचान करना होगा।
उन्होंने कहा, “फर्जी मतदाताओं की पहचान अगले 10 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी। अगर समिति इस काम में विफल रहती है, तो मैं खुद इसकीजांच करूंगी।”
ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि बंगाल की मतदाता सूची में गड़बड़ी की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस पर कड़ी कार्रवाईकी जाएगी।