
माफिया से राजनेता बने स्वर्गीय मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने गाजीपुर में दर्ज फर्जीदस्तावेज और हस्ताक्षर के मामले में उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है। जस्टिस डॉ. गौतम चौधरी की एकलपीठ ने शुक्रवार को सुनवाई के बादयह फैसला सुनाया। उमर अंसारी इस समय कासगंज जेल में बंद हैं, और जमानत मिलने के बाद वे जल्द ही रिहा हो सकते हैं।
पूरा प्रकरण ये है कि मुख्तार अंसारी के पत्नी अफसा अंसारी की उस संपत्ति से जुड़ा है। जो सदर कोतवाली क्षेत्र के वल्लभ देवड़ी दास मोहल्ले मेंस्थित है और जिसे डीएम के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया था। आरोप है कि उमर अंसारी ने इस कुर्क संपत्ति को रिहा कराने केलिए फर्जी वकालतनामा दाखिल किया, जिसमें उनकी मां अफसा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर लगाए गए थे, जबकि वह फरार चल रही है, और उनपर50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित है। हाइकोर्ट से मिली जमानत के बाद उमर अंसारी अस्थायी राहत जरूर मिली है। लेकिन मामल अभी भीन्यायिक प्रक्रिया में है।