प्रयागराज के महाकुंभ से योगी सरकार को बड़ी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन से राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावामिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार महाकुंभ के आयोजन को विशेष बताते हुए, अनुमान जताया कि इस वर्ष करीब दो लाख करोड़ रुपयेका लेन-देन होगा।
खिचड़ी भोज और पत्रकारों से संवाद
महाकुंभ की व्यस्तताओं के बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार रात लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर वरिष्ठ पत्रकारों के लिए खिचड़ीभोज का आयोजन किया। इस मौके पर उन्होंने महाकुंभ, दिल्ली विधानसभा चुनाव, हिंदुत्व और अन्य मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। सीएम ने कहा किपहले की सरकारें कुंभ जैसे आयोजनों में केवल औपचारिकता निभाती थीं, जबकि अब यह आयोजन एक ऐतिहासिक और व्यापक दृष्टिकोण से हो रहाहै।
VIP मूवमेंट पर रोक
सीएम योगी ने महाकुंभ में VIP मूवमेंट पर रोक लगाने का उल्लेख किया। उनका कहना था कि पहले बड़े अफसर और नेता अमृत स्नान के लिए संगमआते थे, लेकिन अब इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के महाकुंभ आने पर उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालुआएं, उनका स्वागत है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी को संगम स्नान करने का अवसर मिलना चाहिए।
ट्रेनी IPS अफ़सरों के लिए महाकुंभ एक सीख
सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि यूपी सरकार ने नेशनल पुलिस एकेडमी को चिट्ठी लिखकर ट्रेनी IPS अफ़सरों को महाकुंभ भेजने काअनुरोध किया है। उनका मानना है कि महाकुंभ में इतनी बड़ी भीड़ और उसके प्रबंधन से अफसरों को क्राउड मैनेजमेंट का अनुभव मिलेगा, जो उनकेकरियर में काम आएगा।
नासिक के अनुभव से प्रेरणा
सीएम ने नासिक में आयोजित कुंभ का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पार्किंग बीस किलोमीटर दूर बनाई गई थी, जिससे उन्होंने बहुत कुछ सीखा।इस अनुभव के बाद प्रयागराज में जगह-जगह पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव पर टिप्पणी
पत्रकारों के साथ बातचीत में सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली विधानसभा चुनाव पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी से लोगपरेशान हैं और इस बार दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रचार अभी ठीक से शुरू नहीं हुआ है, लेकिन लोगों में बदलावकी लहर दिख रही है।
महाकुंभ से जुड़ी आर्थिक उम्मीदें
योगी सरकार का दावा है कि महाकुंभ से राज्य की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। उन्होंने बताया कि इस बार महाकुंभ में अनुमानित 40 करोड़ लोगआएंगे, और अगर प्रत्येक व्यक्ति औसतन 5000 रुपये खर्च करता है, तो यह दो लाख करोड़ रुपये का लेन-देन हो सकता है। इसके साथ ही, संगमक्षेत्र का विस्तार किया गया है, जहां गंगा, यमुना और सरस्वती नदी का संगम होता है।
अयोध्या, काशी और महाकुंभ का कनेक्शन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि महाकुंभ के कारण प्रयागराज, वाराणसी और अयोध्या एक धार्मिक सर्किट बन गए हैं। उन्होंने उदाहरणदेते हुए बताया कि अयोध्या में एक दिन में 15 लाख लोगों ने रामलला के दर्शन किए। अगर काशी में विश्वनाथ मंदिर का कॉरिडोर और अयोध्या मेंराम मंदिर का निर्माण नहीं होता, तो इतने बड़े पैमाने पर श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पाते।
धार्मिक स्थलों पर बदलता माहौल
सीएम योगी ने यह भी कहा कि केंद्र और यूपी में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से धार्मिक स्थलों का माहौल बदल चुका है। अब ये स्थल केवलधार्मिक श्रद्धा के केंद्र नहीं रहे, बल्कि एक बड़ा उत्सव बन गए हैं, जो पूरे देश में नई दिशा का संकेत दे रहे हैं।