पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान मंगलवार को हिंसक घटनाएं सामने आईं।जंगीपुर इलाके में हुई इस हिंसा के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियोंने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और कई उपद्रवियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जिला प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं कीं बंद, धारा 163 लागू
जंगीपुर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) कीधारा 163 लागू कर दी है। इस धारा के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई जाती है। साथ ही, इंटरनेट सेवाएं 11 अप्रैलकी शाम 6 बजे तक के लिए निलंबित कर दी गई हैं।
पथराव और आगजनी की घटनाएं, दो पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त
एसपी आनंद रॉय ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि हिंसा के दौरान पथराव और आगजनी की घटनाएं हुईं। दो पुलिस वाहनों को आग केहवाले कर दिया गया था। हालांकि स्थिति अब नियंत्रण में है और इलाके में लगातार गश्त की जा रही है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस घटना के बाद राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर निशाना साधते हुए कानून-व्यवस्थाबनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर घटना सेजुड़े वीडियो और आदेश साझा किए, जिसमें बीएनएसएस की धारा 163 लागू करने की जानकारी दी गई है।
स्थिति नियंत्रण में, पुलिस रख रही कड़ी निगरानी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है औरहर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से हालात पर काबू पाने में जुटा है।