
यूनिसेफ, पश्चिम बंगाल सरकार और कॉर्पोरेट क्षेत्र मिलकर पश्चिम बंगाल में पहली बार बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनसे जुड़ी प्रमुख समस्याओं केसमाधान के लिए साझा प्रयास करेंगे. यह घोषणा यहां आयोजित एक कॉरपोरेट राउंडटेबल ‘मैचिंग ग्रांट्स टू नीड्स’ कार्यक्रम में किया गया, जिसकाआयोजन यूनिसेफ ने पश्चिम बंगाल सरकार के सहयोग से किया था. इस बैठक में एसोचेम, बीसीसीआई, भारत चेंबर, फिक्की, एमसीसीआई औरसीआईआई (ईस्टर्न रीजन) के प्रतिनिधियों के साथ राज्य सरकार और यूनिसेफ के अधिकारी शामिल हुए. सभी ने बच्चों के भविष्य और उनके पर्यावरणको सुरक्षित करने के लिए निवेश की इच्छा जताई. राज्य सरकार ने सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) परिषद का गठन किया है और एक’सीएसआर पोर्टल’ भी लॉन्च किया है, जिससे कॉरपोरेट्स अपने सीएसआर फंड को राज्यभर में पहचाने गए विभिन्न विकास परियोजनाओं में निवेश करसकें. इस मौके पर पश्चिम बंगाल की महिला एवं बाल विकास, सामाजिक कल्याण और उद्योग मंत्री डॉ. शशि पांजा ने कहा, सीएसआर पोर्टल मेंबच्चों की ज़रूरतों के अनुसार बनाए गए प्रोजेक्ट्स का एक पोर्टफोलियो उपलब्ध है, जिससे कॉरपोरेट अपनी सीएसआर निधि का उपयोग कर सकतेहैं. यह समाज की ज़रूरतों और कॉरपोरेट्स की सामाजिक जिम्मेदारी को जोड़ने का प्रयास है.
बच्चों से जुड़े मुद्दों पर करता है काम
डॉ. पांजा ने यह भी कहा कि यूनिसेफ पूरी दुनिया में बच्चों से जुड़े मुद्दों पर काम करता है और कॉर्पेरेट्स जगत हमेशा इनोवेटिव समाधान चाहता है, ऐसेमें यह त्रिपक्षीय पहल बच्चों के हित में सार्थक सिद्ध होगी. इस साझेदारी के तहत बच्चों का स्वास्थ्य, पोषण, किशोर और युवा विकास, प्राकृतिकआपदाओं से प्रभावित समुदायों के लिए जलवायु-लचीली व्यवस्थाएं, शिक्षा, कौशल विकास और हाशिये पर मौजूद बच्चों की सामाजिक सुरक्षा जैसेविषयों पर सीएसआर निवेश की संभावनाओं को तलाशा जाएगा. डॉ. पांजा ने उम्मीद जताई कि यूनिसेफ की विशेषज्ञता और कॉर्पेोरेट्स फंडिंग केमेल से राज्य सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीएस ) की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ सकेगा. इस मौके पर यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि सिंथियामैककैफ्री ने कहा कि भारत सरकार के साथ यूनिसेफ 75 वर्षों से काम कर रहा है और यह संवाद बच्चों और परिवारों की भलाई के लिए उम्मीदों औरआकांक्षाओं को जन्म देता है. हम एक साथ मिलकर ज्यादा मजबूत हैं, ज्ञान, अनुभव और सामर्थ्य को जोड़कर हम समुदायों की जरूरतें पूरी कर सकतेहैं.
केंद्र और स्कूलों का किया दौरा
उन्होंने कॉरपोरेट्स के सामने यूनिसेफ के बच्चों से जुड़े कार्यों की प्रस्तुति दी और राज्य के अपने दौरे के अनुभव साझा किए, जिसमें उन्होंने आंगनबाड़ीकेंद्र, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र, सरकारी अस्पताल, कन्याश्री क्लब, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के केंद्र और स्कूलों का दौरा किया. इससे पहलेमंगलवार को उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात कर राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही बाल विकास योजनाओं की सराहना की. महिला एवंबाल विकास विभाग की प्रधान सचिव संघमित्रा घोष ने बताया कि सीएसआर पोर्टल पोर्टल में अब तक 450 करोड़ रुपए की परियोजनाएं डाली जाचुकी हैं और 37 उद्योग समूह इससे पहले ही जुड़ चुके हैं। यूनिसेफ पश्चिम बंगाल प्रमुख डॉ. मंजूर हुसैन ने कहा, यूनिसेफ राज्य सरकार का साझेदार है, और हमें उम्मीद है कि यह संवाद हमारी विशेषज्ञता को कॉर्पोरेट्स के लिए सुलभ बनाएगा ताकि वे अपने सीएसआर निवेश की बेहतर योजना बनासकें. इस मौके पर कॉर्पोरेट्स प्रतिनिधियों ने भी राज्य सरकार और यूनिसेफ के साथ साझा किए गए सामाजिक विकास प्रयासों की जानकारी दी औरइस त्रिपक्षीय साझेदारी में भविष्य की संभावनाओं को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी.