
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अबजनता की समस्याओं को हल करने वाली पार्टी नहीं रही, बल्कि अब यह केवल सत्ता पाने और लोगों को धोखा देने वाली पार्टी बन चुकी है। उन्होंनेतीन बड़े मुद्दों पर कांग्रेस को घेरा किसानों का अपमान, भ्रष्ट नेताओं से मेलजोल और कर्मचारियों के हक़ छीने जाना।
किसान से खड़गे का अपमानजनक व्यवहार
रविशंकर प्रसाद ने सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर सवाल उठाया। हाल ही में एक गरीब किसान, जिसकी मटर कीफसल बाढ़ और भारी बारिश से पूरी तरह बर्बाद हो गई थी, वह अपनी तकलीफ लेकर खड़गे जी के पास गया। किसान चाहता था कि उसकी समस्यासुनी जाए और शायद कोई मदद मिले। लेकिन खड़गे जी ने उसकी पीड़ा समझने के बजाय उल्टा उसे डांटते हुए कहा तुम क्यों दिखावा करने आए हो? तुम्हारी सिर्फ 4 एकड़ फसल बर्बाद हुई है, मेरी तो 40 एकड़ खराब हो गई। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह जवाब बेहद अहंकारी है। एक किसानअपनी समस्या लेकर आपके पास आया और आप उसका मज़ाक उड़ाते हैं? यह कांग्रेस की मानसिकता को साफ दिखाता है। किसानों के दुख कोसमझने के बजाय उनका अपमान करना कांग्रेस के नेताओं की आदत बन गई है।
जज सुदर्शन रेड्डी और ‘सोल ऑफ द नेशन’ का पाखंड
रविशंकर प्रसाद ने विपक्षी गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज सुदर्शन रेड्डी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहाकि जब कोई जज राजनीति में आता है, तो उससे जनता को ईमानदारी और सच्चाई की उम्मीद होती है। लेकिन सुदर्शन रेड्डी जी कहते हैं Vote for me to save the Soul of the Nation यानी मुझे वोट दीजिए ताकि राष्ट्र की आत्मा बचाई जा सके। रविशंकर प्रसाद ने पूछा कि जब आप खुदको राष्ट्र की आत्मा बचाने वाला बताते हैं, तो फिर आप चारा घोटाले में दोषी लालू प्रसाद यादव से मिलने क्यों गए? उन्होंने कहा कि यह दोहरा चरित्रहै। एक तरफ आप बड़े-बड़े आदर्शों की बातें करते हैं, दूसरी तरफ भ्रष्टाचार के दोषी नेताओं से हाथ मिलाते हैं। यह जनता को धोखा देने की कोशिश हैऔर कांग्रेस इसी पाखंड की राजनीति कर रही है।
हिमाचल में कर्मचारियों का हक छीना
तीसरे मुद्दे पर रविशंकर प्रसाद ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने बताया कि 13 सितंबर 2022 को जब हिमाचलमें बीजेपी की सरकार थी, तब कर्मचारियों की तनख्वाह बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया गया था। यह कर्मचारियों के हित में एक अहम कदम था।लेकिन कांग्रेस सरकार सत्ता में आते ही इस फैसले को पलट देती है। सरकार ने कहा कि राज्य की आर्थिक हालत ठीक नहीं है, इसलिए बढ़ी हुईतनख्वाह वापस ली जा रही है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अगर आप राज्य की आर्थिक स्थिति संभाल नहीं सकते तो चुनाव से पहले इतने वादे क्योंकिए? चुनाव जीतने के बाद कर्मचारियों का हक़ छीन लेना क्या जनता से धोखा नहीं है? Se यह साबित करता है कि कांग्रेस शासन चलाने में पूरीतरह नाकाम है।
कांग्रेस का असली चेहरा
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इन तीनों घटनाओं से कांग्रेस का असली चेहरा सामने आता है गरीब किसान का अपमान करना, भ्रष्टाचारियों से मेलजोलरखना, और कर्मचारियों की तनख्वाह छीनना उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब न किसानों की पार्टी है, न गरीबों की, न कर्मचारियों की। कांग्रेस सिर्फ औरसिर्फ सत्ता पाने के लिए राजनीति करती है।
जनता का विश्वास बीजेपी पर
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज जनता कांग्रेस के दोहरे चेहरे को पहचान चुकी है। यही वजह है कि लोग बार-बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा कररहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में जनता कांग्रेस को सबक सिखाएगी और बीजेपी को और मज़बूत बनाएगी।