लखनऊ: प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आज भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद और भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की धर्मपत्नीकमला नेहरू की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद पी.एल. पुनिया तथा उत्तरप्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान उपाध्यक्ष दिनेश सिंह ने उनके चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता
श्रद्धांजलि सभा के दौरान पी.एल. पुनिया ने राजेंद्र प्रसाद के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि राजेंद्र बाबू ने अपने करियरकी शुरुआत एक वकील के रूप में की थी, लेकिन जल्द ही वे चंपारण सत्याग्रह के दौरान महात्मा गांधी के आह्वान पर स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े।गांधी जी से प्रभावित होकर उन्होंने 1928 में कोलकाता विश्वविद्यालय के सीनेटर पद से इस्तीफा दे दिया।
महात्मा गांधी के विदेशी संस्थानों के बहिष्कार के आह्वान पर उन्होंने अपने पुत्र मृत्युंजय प्रसाद को बिहार विद्यापीठ में दाखिला दिलाया। वे न केवलस्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहे, बल्कि ‘सर्चलाइट’ और ‘देश’ जैसी पत्रिकाओं में अपने लेखों के माध्यम से भी स्वतंत्रता संग्राम को मजबूत किया।
कमला नेहरू: स्वतंत्रता संग्राम की प्रखर आवाज
श्रद्धांजलि सभा में कमला नेहरू के योगदान को भी याद किया गया। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही, वे गांधीवादी आंदोलनोंमें बढ़-चढ़कर भाग लेती थीं। उन्होंने महिलाओं को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
कांग्रेस नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान प्रदेश सचिव अतुल सिंह, उ.प्र. कांग्रेस सोशल आउटरीच के प्रदेश संयोजक विक्रम पांडेय, बिजेंद्र सिंह, रुद्र दमन सिंह, रवींद्र पटेल, संजय शर्मा, शरद बंसल, कुलदीप आत्रेय सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं ने राजेंद्र प्रसाद और कमला नेहरू के विचारों और आदर्शों को अपनाने की प्रतिबद्धता दोहराई और उनके संघर्षों कोप्रेरणास्रोत बताया।