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संविधान सुरक्षा सम्मेलन में OBC अधिकारों की जोरदार वकालत
2025 में पांचवीं बार बिहार पहुंचे कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नालंदा में आयोजित संविधान सुरक्षा सम्मेलन(ओबीसी सम्मेलन) को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को“सरेंडर करने की आदत है” और वह “दबाव पड़ते ही दो मिनट में चिट्ठी लिखने लगते हैं”। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रंप के सामने भी आत्मसमर्पण कर दिया था।

लोकसभा में जाति जनगणना पर हुई थी सीधी बात
राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने लोकसभा में मोदी की आंखों में आंख डालकर कहा था कि जातिगत जनगणना कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि थोड़ी सी राजनीतिक दबाव में मोदी जी सरेंडर कर देंगे।” लेकिन उन्होंने आशंका जताई कि केंद्र सरकार सही तरीके से जातिगतजनगणना नहीं कराएगी, क्योंकि ऐसा होने पर उनकी राजनीति खतरे में पड़ जाएगी।

90 प्रतिशत आबादी के साथ हो रहा अन्याय
राहुल गांधी ने देश की सामाजिक संरचना पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत की 90 प्रतिशत आबादी को अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य औरनौकरशाही जैसे क्षेत्रों में हिस्सेदारी नहीं मिलती। उन्होंने कहा, “देश की 500 सबसे बड़ी कंपनियों में दलित, पिछड़े और आदिवासी वर्ग के लोगों का नप्रतिनिधित्व है, न वे मैनेजमेंट में हैं। इन वर्गों के लोग डॉक्टर नहीं बन पा रहे, न ही स्कूलों और विश्वविद्यालयों में प्रमुख पदों पर पहुंच रहे हैं।”

असमानता की संरचना को बदलने की अपील
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि गरीबों का कर्ज माफ नहीं किया जाता, जबकि बड़े उद्योगपतियों को सरकारी बजट में कानून बनाकर राहत दी जाती है।उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश की 90 प्रतिशत आबादी रोज़गार, शिक्षा और स्वास्थ्य से वंचित है, तो असल नियंत्रण कुछ प्रतिशत लोगों के पासक्यों है?

जाति आधारित जनगणना को बताया आंदोलन का लक्ष्य
राहुल गांधी ने कहा कि “जातिगत जनगणना” देश में सामाजिक न्याय की दिशा में पहला बड़ा कदम है। उन्होंने सम्मेलन के जरिए जनता से अपील कीकि वे यह जानने के लिए संगठित हों कि “देश में किसकी कितनी भागीदारी है”, ताकि 90 प्रतिशत आबादी को उनका हक मिल सके।

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