मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ और बांग्लादेश के विवादित बयानों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया न देनेपर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ट्रंप से अपनी दोस्ती का खूब प्रचार करते थे, लेकिन जब भारत पर आर्थिक दबाव बढ़ा, तब उन्होंनेकोई प्रतिक्रिया नहीं दी। राहुल ने चेतावनी दी कि यह चुप्पी देश को आर्थिक संकट की ओर ले जा सकती है।
वक्फ एक्ट पर उठाई आपत्ति, अगला निशाना बताया
राहुल गांधी ने संसद में पारित वक्फ अधिनियम को धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला करार दिया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और आरएसएस कीअगली योजना देश भर में ईसाई और सिख समुदाय की जमीनों को निशाना बनाने की है। उन्होंने आरएसएस के मुखपत्र ‘ऑर्गनाइज़र’ के हवाले से इसआशंका को मजबूत बताया।
दलितों के साथ भेदभाव का उदाहरण
अहमदाबाद अधिवेशन में बोलते हुए राहुल ने राजस्थान की घटना का जिक्र किया, जहां दलित नेता टीकाराम जूली के मंदिर में पूजा करने के बादभाजपा नेताओं ने मंदिर को शुद्ध करवाया। उन्होंने इसे भाजपा की विभाजनकारी मानसिकता का उदाहरण बताया।
संविधान और संस्थाओं पर हो रहा हमला
राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा देश की संवैधानिक संस्थाओं और सार्वजनिक क्षेत्रों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगायाकि सरकारी उपक्रमों को चुनिंदा उद्योगपतियों, जैसे अडानी और अंबानी, को बेचा जा रहा है।
विचारधारा की लड़ाई में कांग्रेस को बताया मजबूत
कांग्रेस नेता ने कहा कि केवल कांग्रेस पार्टी ही भाजपा और आरएसएस की विचारधारा का सामना कर सकती है, क्योंकि कांग्रेस के पास संविधानआधारित स्पष्ट विचारधारा है। अन्य पार्टियों में यह क्षमता नहीं है।
जातिगत जनगणना को बताया जरूरी कदम
तेलंगाना में कांग्रेस सरकार द्वारा कराई गई जातिगत जनगणना का उदाहरण देते हुए राहुल ने कहा कि इससे ओबीसी आरक्षण को 42% तक बढ़ायागया। उन्होंने ऐलान किया कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार आने पर पूरे देश में जातिगत जनगणना कराई जाएगी और आरक्षण की 50% सीमा को खत्मकिया जाएगा।
चुनाव प्रणाली पर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग ने अब तक महाराष्ट्र की मतदाता सूची कांग्रेस को नहीं सौंपी है। यहलोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।
पार्टी संगठन को मज़बूत करने का वादा
राहुल गांधी ने कहा कि जिला कांग्रेस समितियों और उनके अध्यक्षों को पार्टी की नींव बनाया जाएगा। उन्हें अधिक अधिकार और जिम्मेदारियां दीजाएंगी ताकि वे आगामी राजनीतिक संघर्ष के लिए तैयार रहें।
बदलाव की लहर का दावा
अंत में राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि देश में बदलाव की लहर चल रही है और जनता भाजपा सरकार से ऊब चुकी है। कांग्रेस कोइसके लिए तैयार रहना चाहिए।