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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने लंदन दौरे को लेकर विपक्षी दलों, खासकर भारतीय जनता पार्टी और वामपंथी दलों पर उनकी छविखराब करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब कोई नेता विदेश दौरे पर जाता है, तो उस पर हमला करना देश की छवि को नुकसान पहुंचानेके समान है। ममता बनर्जी ने कहा, “राजनीतिक भिन्नताएं हो सकती हैं, लेकिन किसी भी नेता को विदेश यात्रा के दौरान निशाना नहीं बनाना चाहिए, क्योंकि उस समय वह नेता देश का प्रतिनिधित्व कर रहा होता है।”

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में ममता बनर्जी का व्याख्यान
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि उनका लंदन दौरा राजनीति से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह एक सम्मानजनक अवसर है। वह लंदन के ऑक्सफोर्डविश्वविद्यालय में व्याख्यान देने जा रही हैं। इसके अलावा, 25 मार्च को वे कुछ उद्योगपतियों से भी मुलाकात करेंगी ताकि पश्चिम बंगाल में निवेश कोप्रोत्साहित किया जा सके।

ममता बनर्जी ने बताया कि यात्रा के दौरान प्रशासनिक कार्यों को संभालने के लिए एक पांच सदस्यीय कार्यदल और मंत्रियों का समूह (जीओएम) बनाया गया है। किसी भी आपात स्थिति में मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रमुख मनोज पंत और खुद ममता बनर्जी फोन पर उपलब्ध रहेंगी। पार्टी के कार्योंकी जिम्मेदारी सुब्रत बक्शी और अभिषेक बनर्जी को सौंपी गई है। ममता बनर्जी 21 मार्च को लंदन के लिए रवाना होंगी और 27 मार्च को व्याख्यानदेंगी। वे 28-29 मार्च के बीच कोलकाता लौटेंगी।

नागपुर हिंसा की निंदा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र के नागपुर में हुई हिंसा की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि भारत विविधता में एकता का प्रतीक है और इस तरह कीघटनाएं देश की छवि को ठेस पहुंचाती हैं। ममता ने कहा, “हम इस हिंसा की निंदा करते हैं। भारत विविधता में एकता के लिए जाना जाता है।”

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहतीं, क्योंकि उनके इंडिया गठबंधन के सहयोगी उद्धव ठाकरे इस पर बयान देंगे।

भाजपा विधायकों का विरोध प्रदर्शन
इधर, पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा विधायकों ने काले झंडे लहराते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी केखिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने स्पीकर पर निष्पक्ष न होने और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया।

भाजपा विधायकों ने सदन के वेल में आकर दस्तावेज फाड़े और 35 मिनट तक विरोध प्रदर्शन किया। बाद में वे विधानसभा से वॉकआउट कर गए औरपरिसर के बाहर स्पीकर का पुतला जलाया। भाजपा ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष विपक्षी विधायकों को सदन में अपनी बात रखने कामौका नहीं दे रहे हैं।

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