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नई दिल्ली: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मंगलवार को एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित “लोकतंत्र विजय दिवस” कार्यक्रम मेंआपातकाल के दौरान जेल जाने वाले लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देशभर से आए आपातकाल बंदियों कासम्मान करना दिल्ली के लिए गर्व का विषय है।

कार्यक्रम का आयोजन लोकतंत्र सेनानी संघ द्वारा किया गया था, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे, संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी, सत्यनारायण जटिया, ओ. पी. बब्बर, सुभाष आर्या, राजीव बब्बर और राजन ढिगरा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि लोकतंत्र
को समझने के लिए उन सेनानियों को जानना आवश्यक है जिन्होंने आपातकाल का विरोध करते हुए अत्याचार और उत्पीड़न का सामना किया। उन्होंनेबताया कि 21 मार्च 1977 को आपातकाल समाप्त हुआ था और इस दिन को लोकतंत्र विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।

आपातकाल की क्रूरता को याद किया
सचदेवा ने कहा कि 25 जून 1975 को कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र का गला घोंटने का प्रयास किया था। इसके परिणामस्वरूप 19 महीने तक देश नेतानाशाही का सामना किया। आपातकाल के दौरान कई सेनानियों ने यातनाएं सहीं, जेल में समय बिताया और कुछ ने अपने प्राणों की आहुति दी।उन्होंने कहा कि आज का भारतीय लोकतंत्र उन सेनानियों के बलिदान पर खड़ा है।

युवाओं को लोकतंत्र का महत्व समझने की अपील
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को यह समझना चाहिए कि कांग्रेस शासनकाल में लोकतंत्र को बार-बार कुचला गया।आपातकाल का दौर कांग्रेस सरकार की क्रूरता और तानाशाही का जीता-जागता प्रमाण है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने भारतीय लोकतंत्र को विश्व मंच पर सशक्त रूप से प्रस्तुत किया है। सचदेवाने कहा कि आपातकाल के सेनानियों का सम्मान करके दिल्ली सरकार अपना ही सम्मान बढ़ा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली की सरकारआपातकाल सेनानियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तत्पर है।

कार्यक्रम के समापन पर वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों से प्रेरणा लेकर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथआगे बढ़ने की आवश्यकता है।

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