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पवन खेड़ा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी, एनसीपीसे सुप्रिया सुले और शिवसेना से संजय राउत को इस प्रेस वार्ता में शामिल किया। पवन खेड़ा ने कहा, “हम ज्यादा समय नहीं वेस्ट करते हुए राहुलगांधी से आग्रह करेंगे कि वह प्रेस वार्ता को शुरू करें।”

राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता की शुरुआत में कहा, “नमस्कार। राउत जी, सुप्रिया जी, आप सबका स्वागत है।” उन्होंने आगे बताया कि हाल ही मेंपार्लियामेंट हाउस में उन्होंने महाराष्ट्र चुनावों के बारे में कुछ अहम सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि महाराष्ट्र में विधानसभा और लोकसभा चुनावोंके बीच वोटर लिस्ट में अत्यधिक वृद्धि हुई है।
बढ़ी हुई वोटर लिस्ट पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने दावा किया कि महाराष्ट्र में विधानसभा 2019-2024 के बीच 32 लाख नए वोटर जोड़े गए, जबकि लोकसभा 2024 और विधानसभा2024 के बीच 39 लाख नए वोटर जोड़े गए, जो कि हिमाचल प्रदेश की पूरी जनसंख्या के बराबर है। उन्होंने पूछा कि यह नए वोटर कौन हैं और कहांसे आए हैं?

राहुल गांधी ने दूसरे सवाल के रूप में यह उठाया कि महाराष्ट्र का अडल्ट पॉपुलेशन 9.54 करोड़ है, जबकि चुनाव आयोग के मुताबिक राज्य में 9.7 करोड़ वोटर्स हैं, जो कि पॉपुलेशन से ज्यादा हैं। राहुल गांधी ने यह सवाल उठाया कि यह कैसे हो सकता है?
बीजेपी के पक्ष में बढ़े वोट

राहुल गांधी ने एक उदाहरण के तौर पर कामठी विधानसभा का जिक्र किया, जहां कांग्रेस पार्टी को लोकसभा चुनाव में 1.36 लाख वोट मिले थे।विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को लगभग उतने ही वोट मिले, लेकिन बीजेपी को वही वोट बढ़कर 1.19 लाख से 1.35 लाख हो गए थे। उन्होंनेआरोप लगाया कि इन 35 हजार नए वोटर्स में से सभी वोट बीजेपी के खाते में गए हैं, जिससे बीजेपी ने चुनाव जीत लिया।

राहुल गांधी ने कहा, “हमारा वोट कम नहीं हुआ है, बीजेपी का वोट ज्यादा हुआ है। ये वोटर्स कहां जोड़े गए हैं? जहां बीजेपी की स्ट्राइक रेट 90 प्रतिशत से ऊपर रही है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था।”
चुनाव आयोग से ट्रांसपेरेंसी की मांग

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से बार-बार वोटर लिस्ट मांगी है, लेकिन चुनाव आयोग ने अभी तक यह लिस्ट उन्हें नहीं दी। उन्होंने कहा कि चुनावआयोग की जिम्मेदारी बनती है कि वह महाराष्ट्र की लोकसभा और विधानसभा वोटर लिस्ट सार्वजनिक करे। उनका कहना था कि यह कोई आरोप नहींहै, बल्कि यह तथ्यों पर आधारित सवाल हैं।
मतदान के आंकड़े और निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल

राहुल गांधी ने कहा कि यह कोई अनुमान नहीं है, बल्कि यह चुनाव आयोग के द्वारा जारी किए गए डेटा पर आधारित है। उनका कहना था कि चुनावआयोग को यह डेटा सार्वजनिक करना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने पार्टी को वोटर लिस्ट नहीं दी, जो उनकेमुताबिक, लोकतंत्र के मूल तत्व की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
सुप्रिया सुले की टिप्पणियां

सुप्रिया सुले ने प्रेस वार्ता में आगे कहा कि वह और उनके सहयोगी अरविंद जी ने भी इन सवालों को उठाया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उनकेनिर्वाचन क्षेत्र में ऑनलाइन वोटर लिस्ट में सुधार किया जा सकता है, लेकिन जब चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में उन्होंने मॉनिटर किया, तो नामों मेंवृद्धि हुई थी। उन्होंने यह भी बताया कि आधार कार्ड के जरिए गलत नाम दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे जाँच की जरूरत है।

सुप्रिया सुले ने कहा, “इलेक्शन कमीशन अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा है। यह उस मूलभूत चीज की रक्षा नहीं कर रहा है, जिस पर लोकतंत्रकी पूरी प्रक्रिया आधारित है।” उन्होंने बाबासाहेब अंबेडकर के एक उद्धरण का उल्लेख करते हुए कहा, “इलेक्शन रोल लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्णहिस्सा है,” और चुनाव आयोग से इस मुद्दे पर कार्रवाई करने की अपील की।

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