योग गुरु बाबा रामदेव ने शुक्रवार को अपने विवादास्पद ‘शरबत जिहाद’ बयान पर सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी विशेष ब्रांड यासमुदाय का नाम नहीं लिया था। हालांकि, उनके इस बयान को हमदर्द कंपनी के प्रोडक्ट रूह अफ़ज़ा से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे विवादगहराता जा रहा है।
रामदेव ने कहा, “मैंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन रूह अफ़ज़ा बनाने वालों ने खुद ही इस बात को अपने ऊपर ले लिया। इसका मतलब है कि वेइस ‘जिहाद’ में शामिल हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अगर वे इस्लाम को समर्पित हैं और मस्जिदों व मदरसों के निर्माण में लगे हुए हैं, तो उन्हें इस परप्रसन्नता होनी चाहिए। साथ ही रामदेव ने सनातन धर्म को मानने वालों से अपील की कि वे इसे समझें और अगर किसी को इससे परेशानी है, तो वहस्वतंत्र है।
दिग्विजय सिंह ने की एफआईआर की मांग
बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने भोपाल के टीटी नगर पुलिस स्टेशन मेंबाबा रामदेव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 196(1)(A) और 299, साथ ही आईटी एक्ट कीप्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत एफआईआर की मांग की।
धार्मिक नफरत फैलाने का प्रयास
सिंह ने आरोप लगाया कि बाबा रामदेव ने पतंजलि के गुलाब शरबत का प्रचार करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से रूह अफ़ज़ा पर निशाना साधा, यह कहकरकि उसकी बिक्री से मदरसे और मस्जिदों को फंड किया जाता है। उन्होंने इसे ‘शरबत जिहाद’ कहा, जो धार्मिक आधार पर नफरत फैलाने वाला बयानहै।
दिग्विजय सिंह ने एक वीडियो का हवाला दिया जो रामदेव के एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से साझा किया गया था। उनका कहना है कि यह बयान नसिर्फ अपमानजनक और भड़काऊ है, बल्कि संविधान के मूल्यों के भी खिलाफ है।
रामदेव पर व्यापार में धर्म और राष्ट्रवाद के उपयोग का आरोप
सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि रामदेव ने अपने व्यापारिक हितों को बढ़ाने के लिए धर्म और राष्ट्रवाद का सहारा लिया है। उन्होंने यह दावा भी कियाकि पतंजलि के कई उत्पाद गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरते और कुछ पर तो अदालतों ने प्रतिबंध भी लगाया है।
पुलिस कार्रवाई का इंतजार
दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर एक सप्ताह के भीतर पुलिस कार्रवाई नहीं करती है, तो वह अदालत का रुख करेंगे। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रश्मिअग्रवाल ने पुष्टि की कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और उचित जांच के बाद कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।