कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत की तटस्थ नीति पर अपनी पहले जताई गई आपत्ति को लेकर अब नई प्रतिक्रिया दी है।उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी पिछली आलोचना गलत साबित हुई और मौजूदा स्थिति में भारत की नीति सफल होती दिख रही है। रायसीनाडायलॉग 2025 के दौरान शशि थरूर ने कहा, “मैं अभी भी अपने चेहरे पर लगे दाग को मिटा रहा हूं, क्योंकि फरवरी 2022 में संसदीय बहस के दौरानमैं ही एकमात्र व्यक्ति था जिसने अंतरराष्ट्रीय चार्टर और सिद्धांतों के उल्लंघन के आधार पर भारतीय स्थिति की आलोचना की थी।”
कूटनीतिक संतुलन ने भारत को दिलाई मजबूत स्थिति
थरूर ने माना कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत की संतुलित कूटनीति ने देश को एक महत्वपूर्ण भूमिका दिलाई है। उन्होंने कहा कि भारत कीइस नीति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो सप्ताह के अंतराल में रूस और यूक्रेन दोनों के राष्ट्रपतियों से मिलने का अवसर प्रदान किया। यह संतुलन भारतको एक मजबूत कूटनीतिक स्थिति में लेकर आया है, जो वैश्विक शांति प्रक्रिया में अहम योगदान दे सकता है।
पहले की थी आलोचना, अब की सराहना
युद्ध की शुरुआत में शशि थरूर ने भारत की रूस के प्रति कूटनीतिक तटस्थता और तेल खरीदने की नीति की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने इसे नैतिकरूप से गलत बताते हुए भारत से यूक्रेन पर हमले की निंदा करने की मांग की थी। हालांकि, अब जब भारत की नीति ने दोनों देशों के साथ मित्रवतसंबंध बनाए रखने में सफलता पाई है, तो थरूर ने अपनी आलोचना को गलत माना।
कूटनीति पर मोदी की प्रशंसा
थरूर ने यह भी कहा कि भारत का संतुलित रुख उसे वैश्विक शांति प्रक्रिया में एक अहम खिलाड़ी बना सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कीकूटनीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत की स्थिति ऐसी है कि यदि जरूरत पड़ी तो वह रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता में महत्वपूर्ण भूमिकानिभा सकता है।
केरल भाजपा ने की थरूर के रुख की सराहना
शशि थरूर के इस बदले रुख को लेकर केरल में भाजपा नेतृत्व ने उनकी ईमानदारी की प्रशंसा की। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कीकूटनीति की प्रशंसा करना थरूर की निष्पक्षता को दर्शाता है। थरूर ने कहा कि उन्होंने इस मामले में एक भारतीय के रूप में विचार व्यक्त किए औरइसे राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा।