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नई दिल्ली,
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस कोषाध्यक्ष अजय माकन ने अरविंद केजरीवाल की सरकार परजमकर हमला बोला। माकन ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण, शिक्षा और परिवहन व्यवस्था को ध्वस्त करके केजरीवाल ने राजधानी को बर्बाद कर दियाहै। उन्होंने केजरीवाल सरकार को दोषी ठहराते हुए इसे दिल्ली की जनता के साथ धोखा बताया।

साँसों पर घातशिक्षा पर आघात
अजय माकन ने कहा कि आम तौर पर हम लोगों से उनका स्वास्थ्य पूछते हैं, लेकिन जब दिल्ली के बारे में बात होती है तो सबसे पहले हवा, पानी औरशिक्षा की हालत पूछी जाती है। जब ये सभी चीजें खराब हों तो साफ है कि सरकार का कामकाज अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा, “हवा, दवा, पानी, जवानी और शिक्षा की कहानी वही बर्बाद कर सकता है, जिस नेता की नीयत खराब हो।” माकन ने केजरीवाल सरकार पर तंज कसते हुए यह भी कहाकि दिल्ली में एकमात्र ऐसी सरकार है जिसके पास शिक्षा और शराब मंत्री एक ही हैं।

शिक्षा व्यवस्था की हालत
अजय माकन ने दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में कोई सुधारनहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि 2008-09 में जब दिल्ली में कांग्रेस की सरकार थी, तब सरकारी स्कूलों में 12वीं कक्षा में पास होने वालों की संख्या74,974 थी, जो 2013-14 तक बढ़कर 1,47,420 हो गई। लेकिन, 2019-20 में आम आदमी पार्टी के शासन में यह संख्या घटकर 1,09,098 रह गई, जबकि दिल्ली की जनसंख्या लगातार बढ़ रही थी।

2023-24 में 12वीं कक्षा में पास होने वाले छात्रों की संख्या बढ़कर 1,46,885 हो गई, लेकिन आंकड़े यह भी बताते हैं कि सरकारी स्कूलों में छात्रोंकी संख्या कम हो रही है। माकन ने कहा कि जब दिल्ली की जनसंख्या बढ़ रही है, तब सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या घट रही है और प्राइवेटस्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे में केजरीवाल सरकार का शिक्षा मॉडल कैसे बेहतर हो सकता है?
प्रदूषण की बढ़ती समस्या
अजय माकन ने दिल्ली में प्रदूषण की बढ़ती समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा किप्रदूषण के लिए किसानों पर पराली जलाने का आरोप पूरी तरह से गलत है। माकन ने बताया कि 2016 में दिल्ली में वाहनों से होने वाला प्रदूषण28 प्रतिशत था, जबकि 2021 में यह बढ़कर 47 प्रतिशत हो गया। उन्होंने कहा कि यह सूक्ष्म कणों वाला प्रदूषण (PM 2.5) है, जो सीधे फेफड़ोंको प्रभावित करता है।

डीटीसी बसों की घटती संख्या और परिवहन व्यवस्था
माकन ने दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को भी निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि 2012-13 में दिल्ली में कांग्रेस की सरकार के दौरान डीटीसी बसों में47.77 लाख लोग सफर करते थे, लेकिन 2024 में यह संख्या घटकर सिर्फ 24.43 लाख रह गई है। माकन ने यह भी कहा कि 2014 में दिल्ली में1440 पुरानी बसें सड़क पर थीं, जबकि केजरीवाल सरकार के दौरान 2024 में यह संख्या बढ़कर 2866 हो गई है। इस स्थिति को सुधारने के लिएडीटीसी डिपो भी लगातार कम हो रहे हैं, 2014-15 में जहां 43 डिपो थे, अब यह घटकर 38 रह गए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि 2021 के सर्वे के अनुसार प्रतिदिन 1800 नए प्राइवेट वाहन खरीदे जा रहे हैं, जिसका कारण दिल्ली की परिवहन व्यवस्थाका चरमरा जाना है। इन प्राइवेट वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण प्रदूषण भी बढ़ रहा है।

कांग्रेस का रोडमैप
अजय माकन ने दिल्ली की जनता से अपील की कि अब समय आ गया है जब कांग्रेस दिल्ली में हर जरूरत को पूरा करेगी। “होगी हर जरूरत पूरी, कांग्रेस है जरूरी” के नारे के साथ उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार दिल्ली के विकास को प्राथमिकता देती है और हर क्षेत्र में सुधार के लिए काम करेगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली के लिए शिक्षा, प्रदूषण और परिवहन के मामले में कांग्रेस का दृष्टिकोण पूरी तरह से अलग और सुधारात्मकहोगा।

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