माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की जेल में मौत के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को बड़ा आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट में मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी द्वारा दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें उन्होंने अपनी पिता की मौत की न्यायिक जांच रिपोर्ट को लेकर सवाल उठाए थे।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश: रिपोर्ट दो हफ्ते में मुहैया कराई जाए
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिया है कि वह मुख्तार अंसारी की मौत की मेडिकल रिपोर्ट, मजिस्ट्रेट रिपोर्ट और न्यायिक जांच रिपोर्ट दो हफ्ते के भीतर उमर अंसारी को उपलब्ध कराए। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए यह आदेश दिया।
मुख्तार अंसारी की मौत: 28 मार्च को दिल का दौरा पड़ने से निधन
बता दें कि 63 वर्षीय मुख्तार अंसारी की 28 मार्च 2024 को उत्तर प्रदेश के बांदा स्थित अस्पताल में मौत हो गई थी। वह मऊ सदर से पांच बार विधायक रहे थे और 2005 से जेल में बंद थे। उनकी मौत के बाद उनके परिवार ने आरोप लगाया था कि उन्हें जेल में ‘धीमा जहर’ दिया जा रहा था।
परिजनों के आरोप: धीमा जहर दिया गया था
मुख्तार अंसारी के बड़े भाई और गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी ने भी आरोप लगाया था कि मुख्तार को जेल में धीमा जहर दिया गया था। अफजाल ने बताया था कि मुख्तार ने उन्हें बताया था कि उन्हें पहले भी जहर दिया गया था और फिर मार्च 2024 में भी उनके स्वास्थ्य में गिरावट आने के बाद से इस आरोप को और भी मजबूत किया गया था।
मुख्तार के बेटे उमर अंसारी ने भी यह आरोप दोहराया कि उनके पिता को जेल में धीमा जहर दिया जा रहा था। हालांकि, अधिकारियों ने इस आरोप का खंडन किया था। उमर ने कहा, “मेरे पिता ने हमें बताया था कि उन्हें जेल में धीमा जहर दिया जा रहा है। अब यह पूरा देश जानता है।”
मुख्तार अंसारी के खिलाफ लंबित थे कई आपराधिक मामले
मुख्तार अंसारी के खिलाफ 60 से अधिक आपराधिक मामले लंबित थे और उन्हें बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। उनकी मौत से पहले, उनके बेटे उमर ने दिसंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि उनके पिता की जान को खतरा है और उन्हें उत्तर प्रदेश से बाहर किसी अन्य जेल में स्थानांतरित किया जाए।
2023 में अदालत ने की थी सुरक्षा बढ़ाने की सिफारिश
उमर अंसारी की याचिका पर 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा था कि यदि ज़रूरत पड़ी तो वह मुख्तार अंसारी की सुरक्षा को और सख्त कर दे। इसके बाद राज्य सरकार ने यह आश्वासन दिया था कि वे मुख्तार अंसारी की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरतेंगे।
सुप्रीम कोर्ट में आज की सुनवाई
आज की सुनवाई में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने कहा कि उमर को सभी जरूरी दस्तावेज़ मुहैया कराए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से दो सप्ताह के भीतर इन रिपोर्टों की प्रतियां उमर को उपलब्ध कराने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि उमर को रिपोर्ट मिलने के बाद तीन सप्ताह के अंदर अपनी प्रतिक्रिया दाखिल करनी होगी।
